फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने शिवरी प्लांट का किया दौरा, कचरा निस्तारण का वैज्ञानिक मॉडल समझा

विज्ञापन
प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने शिवरी प्लांट का किया दौरा, कचरा निस्तारण का वैज्ञानिक मॉडल समझा
विज्ञापन

विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया। डॉ० राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में चल रहे 87वें और 88वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत इस अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रांतीय सिविल सेवा के 48 अधिकारियों और 59 उपजिलाधिकारियों सहित कुल 107 प्रशिक्षु अधिकारियों ने कचरा निस्तारण यूनिट का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक मॉडल को बारीकी से समझाया। लखनऊ से प्रतिदिन लगभग 2000 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है। इसके प्रभावी और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर निगम शिवरी सहित तीन अत्याधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स का संचालन कर रहा है। प्रत्येक यूनिट की क्षमता 850 मीट्रिक टन प्रतिदिन है, जिससे शहर को 'जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी' बनाने में बड़ी मदद मिल रही है। भ्रमण के दौरान अधिकारियों को पुराने जमा कचरे और फ्रेश वेस्ट के प्रोसेसिंग की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई। प्लांट में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित किया जाता है। गीले जैविक कचरे से कंपोस्ट (खाद) और बायोगैस तैयार की जाती है। वहीं, सूखे कचरे से रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल बनाया जाता है, जिसका उपयोग सीमेंट उद्योगों में ईंधन के रूप में होता है। इसके अलावा पुराने कचरे से निकले सीएंडडी वेस्ट और बायो-सॉयल का भी पुनः उपयोग किया जा रहा है। मौके पर मौजूद एसएफआई जितेंद्र वर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्लांट की कार्यप्रणाली, कचरा पृथक्करण और आधुनिक मशीनरी की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने इस वैज्ञानिक मॉडल की सराहना की और नगर निकायों में इसके क्रियान्वयन पर चर्चा की।

प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने शिवरी प्लांट का किया दौरा, कचरा निस्तारण का वैज्ञानिक मॉडल समझा

प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने शिवरी प्लांट का किया दौरा, कचरा निस्तारण का वैज्ञानिक मॉडल समझा

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें