लखनऊ। फर्जीवाड़ा कर दो शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में गिरफ्तार प्राॅपर्टी डीलर बृजेश कुमार वर्मा उर्फ टिल्लू से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला कि फर्जीवाड़ा कर शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाले नगालैंड के गैंग का यूपी के कई जिलों में नेटवर्क है। इस गैंग ने कई लोगों के नगालैंड से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर संबंधित जिलों में ट्रांसफर कराए हैं। एसटीएफ अब प्रॉपर्टी डीलर को रिमांड पर लेकर नगालैंड के गैंग व फर्जीवाड़ा कर शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों तक पहुंचेगी।
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक आरोपी बृजेश ने जो जानकारियां दी हैं, उनकी पुष्टि कराई जा रही है। बृजेश ने कुबूला कि शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाले नगालैंड के मददगार की मौत हो चुकी है। चार साल पुराना काॅल रिकार्ड मिलना मुश्किल है, इससे बृजेश की इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही है। लखनऊ के डीएम कार्यालय के शस्त्र अनुभाग के कर्मचारियों से कई दस्तावेज मांगने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
इससे पहले सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह के नगालैंड से बने शस्त्र लाइसेंस के मामले में शस्त्र अनुभाग के कर्मचारियों पर फाइल गायब करने का आरोप लगा था।
आरोपी बृजेश से पूछताछ में खुलासा हुआ कि नगालैंड में फर्जी दस्तावेज से शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। ये लोग अलग-अलग प्रदेशों के लिए काम कर रहे हैं। एक से दो लाख रुपये लेकर ये लोग खुद ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराते हैं। एसटीएफ के हत्थे चढ़े बृजेश की गाड़ी पर विधायक का सचिवालय वाहन पास लगा था। पास के बारे में उसने कोई सही जवाब नहीं दिया था। हालांकि चर्चा है कि बृजेश पहले एक विधायक का बेहद करीबी था।
बृजेश की गिरफ्तारी के संबंध में कैसरबाग थाने में केस दर्ज किया गया है। कैसरबाग पुलिस सोमवार को सचिवालय जाकर पास के बारे में जानकारी एकत्र करेगी।