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Lucknow News: नामांतरण शुल्क करना है 10 हजार, प्रस्ताव लाया जा रहा 15 हजार का

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लखनऊ। नगर निगम ने संपत्ति नामांतरण शुल्क कम करने की नियमावली तैयार कर ली है। अगर यह लागू हुई तो 30 लाख तक की संपत्ति का नामांतरण कराने वाले को फायदा होगा। इससे अधिक कीमत वालों को नामांतरण शुल्क घटाए जाने का बहुत फायदा नहीं मिलेगा।



एक साल पहले शासन ने नामांतरण शुल्क कम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और आवास विकास ने शुल्क घटा दिए, लेकिन नगर निगम ने ऐसा नहीं किया था। शुल्क घटाने को लेकर मांग उठ रही थी। शुल्क कम करने के प्रस्ताव को पिछले महीने नगर निगम कार्यकारिणी ने हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद नियमावली बनाई जा रही थी।
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दरअसल जिनकी संपत्ति 10 लाख रुपये से कम कीमत की होती है, उनको नामांतरण शुल्क अधिकतम 10 हजार किए जाने से नुकसान होता है। इसको लेकर ही नियमावली बनाई जानी थी। इसके बाद भी निगम प्रशासन अधिकतम नामांतरण शुल्क की दर 15 हजार रुपये तक तय करने की तैयारी में है। नगर निगम कार्यकारिणी में मंगलवार को इसका प्रस्ताव रखा जाएगा।
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नगर निगम में गृहकर का नामांतरण कराने के लिए भवनस्वामी को अभी संपत्ति की कीमत का एक प्रतिशत शुल्क अदा करना पड़ता है। वहीं, विरासत में मिली संपत्ति के मामलों में पांच हजार रुपये लिए जाते हैं। हालांकि नगर निगम 2014 से पहले स्लैब के आधार पर नामांतरण शुल्क लेता था। तब पांच लाख रुपये कीमत तक के मकान का दो हजार रुपये और 10 लाख तक के मकान पर चार हजार रुपये शुल्क लिया जाता था। इस तरह प्रति पांच लाख रुपये पर दो हजार रुपये शुल्क बढ़ जाता था। वहीं विरासत के आधार पर नामांतरण में महज एक हजार रुपये ही शुल्क लिया जाता था। नगर निगम ने 2014 में स्लैब की व्यवस्था खत्म कर दी।



संपत्ति की कीमत के आधार पर प्रस्तावित नामांतरण शुल्क

पांच लाख रुपये तक -3500 रुपये

10 लाख रुपये तक-5500 रुपये

20 लाख रुपये तक-7500 रुपये

30 लाख रुपये तक-9500 रुपये

40 लाख रुपये तक- 11500 रुपये

60 लाख रुपये तक- 13500 रुपये

60 लाख रुपये अधिक- 15000 रुपये
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