ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
- फोटो : amar ujala
मुस्लिमल पर्सनल लॉ बोर्ड ने मणिपुर की सरकार की बर्खास्तगी मांग है। महिलाओं के साथ हुई घटना को फासीवादी मानसिकता का नमूना बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एसक्यूआर इलियास ने कहा कि यह घटना बताती है कि जब सरकार के संरक्षण में फांसीवादी मानसिकता, घृणा और पूर्वाग्रहों के साथ बहुसंख्यक आगे बढ़ते हैं तो कैसे-कैसे जुल्म होते हैं। ऐसा हम गुजरात में पहले देख चुके हैं। पिछले नौ साल में सरकार प्रायोजित अल्पसंख्यकों पर यह हिंसा लगातार देखी जा रही है। केंद्र सरकार ने वहां भरोसे की बहाली के लिए समुचित प्रयास नहीं किए।
पर्सनल लॉ बोर्ड मांग करता है कि मणिपुर के संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। राहत कैंपों में मदद पहुंचाई जाए और जिन लोगों के घरों को जलाया गया है, उनका सरकार पुनर्निर्माण कराए। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
समाजवादी महिला सभा ने मणिपुर घटना के खिलाफ निकाला कैंडल मार्च
समाजवादी महिला सभा ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई वीभत्स और अमानवीय घटना के विरोध में पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च निकाला। महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि दरिंदों को फांसी मिलनी चाहिए। दो माह पहले हुई घटना के सभी आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी न होना बताता कि सरकार और उसकी मशीनरी ने इस घटना को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। मणिपुर में जो हुआ, वह हर भारतवासी के लिए शर्म की बात है। लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं की कभी कोई जगह नहीं हो सकती।