लखनऊ। मड़ियांव इलाके में बृहस्पतिवार देर रात दोस्त के जन्मदिन की पार्टी में गए युवक अवनीश शर्मा की पुरानी रंजिश में लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की मां ने पांच नामजद सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शुक्रवार को पुलिस ने चार छात्रों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डालीगंज में मनकामेश्वर मंदिर के पास रहने वाला 19 वर्षीय अवनीश हाईस्कूल का छात्र था और घर के पास टेंट हाउस में काम करता था। मां लक्ष्मी के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात 11.30 बजे बेटे का नाबालिग दोस्त घर आया और अपने जन्मदिन की बात बताते हुए पार्टी में चलने को कहा। फिर अवनीश उसके साथ निकल गया। डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर के मुताबिक, दोनों ने मड़ियांव के फैजुल्लागंज में दाउदनगर स्थित अन्य दोस्त सत्यम साहनी के प्लॉट में पार्टी की, वहां शराब पीने के बाद सभी बैठकर बातचीत कर रहे थे। इनके विपक्षी गुट को इसकी भनक लग गई और वे लाठी-डंडे, हॉकी लेकर पहुंचे और अवनीश को पीटने लगे। वह जान बचाकर भागा, लेकिन आरोपियों ने दौड़ाकर पकड़ लिया और पीटकर अधमरा कर दिया। इस दौरान अवनीश का नाबालिग दोस्त व सत्यम भाग निकले।
अवनीश के दो अन्य साथियों शिवम साहनी और अंशुल मिश्र को घटना की खबर मिली तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने अवनीश को केजीएमयू में भर्ती कराया, वहां उसकी मौत हो गई। लक्ष्मी ने बेटे के नाबालिग दोस्त, सत्यम साहनी के अलावा अवनीश को पीटने वाले अविनाश तिवारी, विशाल पांडेय, पीयूष अवस्थी सहित कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ बलवे, हत्या व साजिश का केस दर्ज कराया है।
शुक्रवार को पुलिस ने नामजद तीन आरोपियों मड़ियांव के अविनाश तिवारी, विशाल पांडेय, पीयूष अवस्थी के साथ आदित्य यादव व अमन यादव को गिरफ्तार किया है। नामजद नाबालिग दोस्त व सत्यम की मामले में भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तार अमन मजदूर है। अन्य आरोपी छात्र हैं।
इस बात की चल रही थी रंजिश
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवेंद्र मिश्र ने बताया कि आरोपी अविनाश के रिश्तेदार को अवनीश व उसके साथियों ने कुछ समय पहले स्कूल में पीट दिया था। इससे दोनों पक्षों में रंजिश शुरू हो गई थी। कुछ दिन पहले अवनीश और उसके साथियों ने अविनाश के साथ मारपीट भी की थी। इसी का बदला लेने के लिए बृहस्पतिवार देर रात अविनाश और उसके साथियों ने अवनीश पर हमला किया।
साथ नहीं जाना चाहता था अवनीश
अवनीश की बहन अंशिका का कहना है कि भाई पार्टी में नहीं जाना चाहता था, पर दोस्त के काफी कहने पर वह राजी हो गया। देर रात तक अवनीश नहीं लौटा तो परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली। रात करीब डेढ़ बजे अवनीश को केजीएमयू में भर्ती करने वाले युवकों ने सूचना दी, तब परिजनों को घटना का पता चला।
बेटे का शव देखते ही बेसुध हो गई मां
अवनीश के पिता रोडवेज में थे। आठ साल पहले उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद मां लक्ष्मी को संविदा पर परिचालक की नौकरी मिली थी। अवनीश की तीन बहनें और भाई स्वतंत्र है। परिजनों को अवनीश की मौत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। भाई और कुछ रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव की पहचान की। अवनीश का शव घर पहुंचा तो लक्ष्मी जवान बेटे का शव देखकर बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों और मोहल्लेवालों ने उन्हें संभाला।