बछरावां (रायबरेली)। गुरुबख्शखेड़ा मजरे इशिया गांव निवासी एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वह बुधवार से लापता था। शनिवार सुबह उसका शव जंगल में पड़ा मिला। चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान मिले हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में बदला लेने की नियत से युवक की हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर, परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए छतैया गांव के पास लखनऊ हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सीओ महाराजगंज ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोग हाईवे से हटे।
इशिया गांव निवासी भरतलाल (35) बुधवार शाम रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसके भाई दीपक कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर गांव के ही रामसजीवन व कौशल के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताते हुए केस दर्ज कराया था। शनिवार सुबह विनायकपुर ग्राम पंचायत के पास लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित तेंदुआ जंगल में भरतलाल का शव मिल गया। उसका चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया गया था। यही वजह थी कि उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी।
सूचना पर पहुंचे पिता रामखेलावन, भाई दीपक कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर कपड़े, चप्पल आदि के सहारे भरतलाल की पहचान की। सीओ महाराजगंज अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला है कि 8 अप्रैल 2004 में गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भरतलाल को नामजद किया गया था। अब परिवार ने उसी के भाई को भरतलाल की हत्या के मामले में नामजद किया है। बताया कि कुछ दिन पहले भरतलाल और आरोपी के बीच झगड़ा भी हुआ था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। भरतलाल की पत्नी संजू (32), बेटी संजना (14), बेटे सनी के आंसू नहीं थम रहे हैं।
शुरुआती जांच में रंजिश में ही चाकू से हमला कर युवक की हत्या किए जाने की बात सामने आई है। घटना में गांव के ही रहने वाले एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।
आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक