लखनऊ। एनबीआरआई के सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार श्रीवास्तव (60) की मौत के मामले में शनिवार को गुडंबा थाने में दंपती पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस विसरा रिपोर्ट आने के बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई करेगी, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई थी।
मनोज कुमार श्रीवास्तव गुडंबा के गायत्रीपुरम में रहते थे। परिवार में पत्नी सुषमा और इकलौता बेटा हर्ष है। हर्ष कनाडा में रहता है। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह कभी कभार दफ्तर जाया करते थे। 20 मार्च की सुबह दफ्तर गए थे, लेकिन लौटे नहीं थे। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की तो 21 मार्च की दोपहर डालीबाग में गन्ना संस्थान के पास सड़क किनारे मनोज का शव उनकी कार में पड़ा मिला था।
इंस्पेक्टर नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि परिजन की तहरीर पर उनकी महिला मित्र नाका निवासी अरुणा श्रीवास्तव व उनके पति जागेश्वर श्रीवास्तव पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। साक्ष्य व विसरा रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी जागेश्वर पेशे से जिम संचालक है।
फुटेज के आधार पर महिला का आया था नाम
पुलिस ने मृतक के दफ्तर से लेकर घटनास्थल के पास लगे 12 सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। इससे पता चला था कि मनोज उस दिन दोपहर 2:54 बजे दफ्तर से निकले थे। फिर कैंट इलाके से अरुणा को कार में बैठाया था। कुछ देर घूमने के बाद गन्ना संस्थान के पास कार खड़ी की थी। करीब 20 मिनट बाद अरुणा कार से निकलकर चली गई थीं। अरुणा से पुलिस पूछताछ भी कर चुकी है। चूंकि परिजनों ने तब तहरीर नहीं दी थी, इसलिए उस दौरान केस दर्ज नहीं हुआ था।
जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने का आरोप
पुलिस को अरुणा ने पूछताछ में बताया कि कार में जब वह बैठी थीं तभी मनोज ने उनसे कहा था कि कुछ घबराहट हो रही है। तुम चली जाओ। इसके बाद वह रिक्शे से चली गई थीं। मनोज की पत्नी का आरोप है कि आरोपियों ने जहरीला पदार्थ खिलाया, इससे मनोज की मौत हुई।