लखनऊ। बंथरा इलाके में एक कच्चे घर में आग लगने से हजारों की संपत्ति राख हो गई। गृहस्वामी की पत्नी ने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते छप्पर में फंसी मासूम बेटी व बकरियों को सुरक्षित निकालकर साहस का परिचय दिया। बाद में पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।
क्षेत्र के कुरौनी स्थित दुंदईया खेड़ा निवासी हरिपाल शनिवार को काम पर गए थे। शाम को उनकी पत्नी अनीता पानी भरने गई थीं। तभी उनके छप्पर के कच्चे घर में अचानक आग लग गई। छप्पर से लपटें निकलती देख अनीता भागकर वहां पहुंचीं। उन्होंने जान पर खेलकर जलते छप्पर के अंदर से अपनी दो साल की बेटी काजल व बकरियों को सुरक्षित निकाल लिया।
इसके बाद वह पड़ोसियों की मदद से आग बुझाने लगीं मगर लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। सिलिंडर भी जलने लगा। इस बीच दमकल टीम पहुंच गई और पहले सिलिंडर को बाहर निकालकर बुझाया गया। फिर आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। अग्निकांड में छह हजार की नकदी, अनाज व गृहस्थी का अन्य सामान जल गया।