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आधे से ज्यादा बच्चों में सीखने की क्षमता निम्न दर्जे की

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लखनऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों के आधे से ज्यादा छात्रों का लर्निंग लेवल (अधिगम) निम्न दर्जे का है। यह नतीजा स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट (एसएटी 2) में निकला है। इसके अनुसार 21.26 प्रतिशत छात्रों ने 40 प्रतिशत से भी कम अंक प्राप्त किए। इस पर विभाग ने रेमेडियल टीचिंग से छात्रों का लर्निंग लेवल बढ़ाने का निर्देश दिया है। वहीं, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है। छात्रों के लर्निंग लेवल के आकलन और शिक्षकों के पढ़ाने की क्षमता परखने को गत सत्र से स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट की योजना शुरू हुई। इसके परिणाम से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कक्षा में शिक्षक जो पढ़ाते हैं छात्र उसे सही से समझ पाते हैं कि नहीं। वहीं, शिक्षक सही ढंग से पढ़ा पाते हैं कि नहीं। 19 फरवरी को जिले में हुई परीक्षा में परिषदीय विद्यालयों के कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों ने हिस्सा लिया। इसके लिए 1,27,070 छात्रों ने पंजीकरण कराया,  जिसमें से 19,335 अनुपस्थित रहे। विभाग ने 1,07,105 छात्रों का परिणाम जारी किया है। ब्लॉक वार भी रिजल्ट जारी किया है, जिससे पता चलेगा कि किस ब्लॉक में छात्रों और शिक्षकों की कुशलता निकालने की ज्यादा आवश्यकता है।   निम्न स्तर का लर्निंग लेवल   22,713 यानी 21.26 फीसदी छात्रों ने 40 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए हैं। 17,278 छात्रों यानी 16.13 फीसदी बच्चों के 40 से 50 प्रतिशत के बीच अंक हैं। 21,036 यानी 19.64 प्रतिशत छात्रों ने 50 से 60 फीसदी अंक हासिल किए। 26,915 यानी 25.13 फीसदी छात्रों ने 60 से 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं, 16,822 यानी 15.71 फीसदी छात्रों को 75 से 90 प्रतिशत अंक मिले। 90 से 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र मात्र 2,281 रहे। यह कुल परिणाम का 2.13 प्रतिशत रहा। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर           महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने 50 प्रतिशत और उससे कम अंक पाने वाले छात्रों को रेमेडियल टीचिंग से पढ़ाने का निर्देश दिया है। यह भी कहा कि सभी शिक्षकों को बुनियादी शिक्षा पर अनिवार्य रूप से समझ होनी चाहिए। इसके लिए सभी शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य है।
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