- एक साल से लंबित हैं सभी प्रकरण, डीएम हुए सख्त
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। जिलाधिकारी डॉ. सूर्यपाल गंगवार ने शुक्रवार को राजस्व कार्यों की समीक्षा की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि एक साल से राजस्व से संबंधित 5990 वाद लंबित हैं। डीएम इसपर नाराज हो गए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 12 दिन के भीतर लंबित वादों का निस्तारण करें अन्यथा 15 नवंबर को संबंधित अधिकारियाें के खिलाफ एडवर्स इंट्री जारी की जाएगी।
बैठक में डीएम ने जिन न्यायालयों में पांच साल से ऊपर के वाद लंबित हैं उन्हें शो काॅज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम व तहसीलदार प्रतिदिन का टाइम टेबल बनाएं कि वह हर रोज कितने बजे से कितने बजे तक कोर्ट में बैठेंगे और सुनवाई करेंगे। उन्होंने सभी एडीएम, एसडीएम, अपर नगर मजिस्ट्रेट व तहसीलदार को प्रतिदिन कोर्ट करने के लिए कहा। समीक्षा में सदर में 553, मलिहाबाद में 514, मोहनलालगंज में 1100, सरोजनीनगर में 1350 और बक्शी का तालाब तहसील में 2473 वाद लंबित पाए गए।डीएम ने कहा कि 21 नवंबर को दोबारा सभी कोर्ट के वादों का रिव्यू किया जाएगा। ऐसे में जिन वादों में आगे की तारीख दे दी गई है उन्हें 15 नवंबर से पहले बुलाकर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन एक तहसील के 1 वर्ष से ऊपर के वादों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में धारा 34 के लंबित वादों की भी समीक्षा की गई। पता चला कि पारिवारिक न्यायालय की कुल 134 आरसी लंबित है, जिसका भुगतान कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्टांप वाद और रेरा की वसूली टीम बनाकर सात दिन के भीतर भुगतान कराने के लिए कहा गया। डीएम ने कहा कि जो बाकीदार आरसी का भुगतान नहीं कर रहे हैं उनकी संपत्तियों को सीज किया जाए।