इस्लामिक महीने मोहर्रम का चांद बुधवार को देखा गया। इसलिए पहली मोहर्रम 15 अक्तूबर को और अशरा-ए-मोहर्रम 24 अक्तूबर को होगी।
मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के साथ ही शिया चांद कमेटी ने भी चांद होने की तस्दीक की है।
शहर काजी अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने भी चांद होने की तस्दीक कर दी है। मौलाना सैफ ने बताया कि मोहर्रम की पहली तारीख गुरुवार को होगी।
चांद के दिखाई देते ही बुधवार को अजादार अपने आंसुओं को रोक नहीं सके ...और कर्बला के शहीदों को याद कर रोने लगे। शोक में डूबी महिलाओं ने सुहाग की निशानियों को उतार दिया।
अजाखानों में फर्श-ए-अजा पर पुरसा देने का दौर शुरू हो गया। हर तरफ घर-घर से सदाए हुसैनी गूंजने लगी।
यह माहौल शाम छह बजे के बाद पुराने लखनऊ की हर गली, हर मोहल्ले का था। मोहर्रम का चांद देख अजादार गम में डूब गए।