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Lucknow News : फ्रेंचाइजी का झांसा देकर 10 करोड़ ठगने वाली कंपनी पर मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज

Thu, 09 Feb 2023 08:36 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

ईडी ने पड़ताल की तो पता चला कि कंपनी अब तक 10.12 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी कर चुकी है। हालांकि यह रकम 50 करोड़ से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। धोखाधड़ी से जुटाई इस रकम से कंपनी के निदेशकों ने देश-विदेश में तमाम चल-अचल संपत्तियां खरीदीं।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : social media
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विस्तार
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हाइपर सुपर मार्केट की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर तमाम लोगों केसाथ धोखाधड़ी करने वाली नोएडा की वेस्टलैंड ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, हाइपर सुपर मार्केट कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। निवेशकों के साथ करीब दस करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने वाली इस कंपनी पर नोएडा पुलिस ने आठ मुकदमे भी दर्ज किए थे। लखनऊ स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने नोएडा पुलिस से जानकारी जुटाने के बाद प्रारंभिक जांच की। जिसमें आरोप सही पाए जाने पर कंपनी के निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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दरअसल, वेस्टलैंड ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, हाइपर सुपर मार्केट कंपनी के खिलाफ नोएडा पुलिस ने बीते तीन वर्ष के दौरान आठ मुकदमे दर्ज किए हैं। इसके अलावा 23 अन्य लोगों ने भी कंपनी की धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस के पास दर्ज करायी है। जब इस मामले की ईडी ने पड़ताल की तो पता चला कि कंपनी अब तक 10.12 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी कर चुकी है। हालांकि यह रकम 50 करोड़ से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। धोखाधड़ी से जुटाई इस रकम से कंपनी के निदेशकों ने देश-विदेश में तमाम चल-अचल संपत्तियां खरीदीं। कंपनी के खिलाफ दर्ज मुकदमों में मनीष कुमार दहिया, अंकुर, कुनाल केशव, संजीव शर्मा, अनुज कुमार, अमरदीप, अरुण मोदी, रोहित यादव आदि को आरोपित बनाया गया था। अब ईडी इस प्रकरण की गहराई से जांच करने के बाद कंपनी केनिदेशकों और प्रमोटर्स की संपत्तियों को अटैच करने की कवायद करने जा रही है।

ठगी के लिए बनाई कई कंपनियां
आरोप है कि कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों ने ठगी केलिए कई कंपनियां बनाकर करीब 500 लोगों को शिकार बनाया। हाइपर सुपर मार्केट की फ्रेंचाइजी पाने के इच्छुक लोगों से संपर्क करने केबाद उनसे तीन लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे। उसके बाद मोबाइल और सिम तोड़कर फेंक देते थे। कुछ दिन के बाद कंपनी का ऑफिस बंद करके दूसरी कंपनी के नाम से दूसरे इलाके में बना देते थे। नई कंपनी का प्रचार यू-ट्यूब और गूगल पर मोबाइल नंबर देकर किया जाता था।
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सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
देश के सबसे बड़े फ्रेंचाइजी घोटाले की शिथिल जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर फटकार लगाते हुए गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सीबीआई, ईडी और सीरियस फ्रॉड इंवेस्टीगेशन ऑफिस को नोटिस जारी किया था। साथ ही, दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के पुलिस कमिश्नर को भी नोटिस जारी कर जांच की प्रगति के बारे में भी पूछा था।

ये फर्जी कंपनियां बनाई
हाइपर सुपर मार्केट, बिग मार्ट, हाइपर मार्ट, सुपर मार्ट, लुइज सैलून, मिडनाइट कैफे, फ्रेंचाइजी वर्ल्ड, बीएम मार्ट, एच मार्ट, एस मार्ट, साउथलैंड प्राइवेट लिमिटेड, डैकफेस्टर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड आदि।
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