रायबरेली। रायबरेली-ऊंचाहार रेलखंड पर जगतपुर-दरियापुर रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी पर पत्थरों के स्लीपर रख ट्रेन पलटाने की साजिश के खुलासे में खुफिया विभाग की टीम लगाई गई है। साजिश किसने की है, इसका सच सामने लाने के लिए जीआरपी, पुलिस और खुफिया की टीम जगतपुर-दरियापुर रेलवे स्टेशन के पांच किमी के दायरे में सक्रिय रहे सभी मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है। इसके लिए सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है।
पड़ताल के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के दौरान किस मोबाइल पर बराबर बात हो रही थी। साथ ही इस दौरान किस मोबाइल पर किसी एक नंबर से कितनी देर बात हुई है। कानपुर में रेल पटरी पर सिलिंडर रखने की घटना के बाद रेल पटरियों पर आतंकी हमले का साया मंडराता रहा है।
इसी बीच बीते सोमवार की रात करीब 11 बजे रायबरेली-ऊंचाहार रेलखंड पर जगतपुर-दरियापुर रेलवे स्टेशन से पहले गेट संख्या 15 सी के पास ट्रैक पर पत्थर के स्लीपर रखकर ट्रेन को पलटाने की साजिश हुई थी। इस घटना के बाद से रेल प्रशासन के साथ जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस छानबीन में जुटी हुई है।
आसपास के घरों के साथ चरवाहों से पूछताछ हो चुकी है। कुछ सुराग जांच टीम के हाथ लगे हैं। यही कारण है कि अब खुफिया विभाग की टीम को सक्रिय किया गया है। साथ ही घटना स्थल के करीब पांच किमी के दायरे में सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल कंपनियों से भी संपर्क किया गया है और उनसे उपभोक्ताओं की पूरी सूची मांगी गई है।
सूत्र बताते हैं कि बछरावां, जगतपुर, ऊंचाहार में नशे का कारोबार करने वालों के साथ अजनबी चेहरों की भी कुंडली तैयार हो रही है। बताया जा रहा है कि साजिश में कई लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए सर्विलांस टीम की सहायता से मोबाइल नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं। घटना के समय उनकी लोकेशन पता की जा रही है। सहायक मंडल सुरक्षा आयुक्त रेल सुरक्षा बल लखनऊ बीएन मिश्रा ने बताया कि यह एक लंबा प्रोसेस है। इसमें समय लगेगा, लेकिन इतना तय है कि साजिशकर्ता बेनकाब हो जाएंगे।