रायबरेली। बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए अधेड़ ने इलाज के दौरान सोमवार रात दम तोड़ दिया। मरीज अमेठी जिले के जायस क्षेत्र का रहने वाला था। इसके अलावा प्रयोगशाला की जांच में डेंगू के सात नए मरीज मिले हैं। इसमें से चार को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं, बुखार से पीड़ित 22 मरीजों को इमरजेंसी में गंभीर हालत में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संबंधित गांवों में पहुंचकर दवा का छिड़काव करवाया और मरीजों के घर के लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
अमेठी जिले के जायस निवासी सियाराम (50) बुखार से पीड़ित थे। उन्हें सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां रात में ही उनकी मौत हो गई। उधर, जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में महराजगंज निवासी पंकज (25), सत्य नगर निवासी संगीता (40), अंबेडकर नगर अमावां निवासी अनुराग (23), फुरसतगंज के निगोहा निवासी आदित्य (20) डेंगू संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा हरचंदपुर निवासी विकास (34), मोनी (25), शहर निवासी नाथूराम (50) भी डेंगू संक्रमित मिले हैं। इसमें से चार लोगों को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया।
मंगलवार को बुखार की चपेट में आने के बाद शिवकली (55), यशोदा (45), तैमूर (5), मन्नर (4), अमरेंद्र (8), विशाल (20), शिवम (22), गीता (40), अथर्वी (8), शशिबाला (30) समेत 22 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू कराया गया। ओपीडी में भी सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही। दवा के चारों काउंटरों पर भीड़ के चलते मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
डेंगू के कारण, लक्षण और उपचार
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि पहले से संक्रमित व्यक्ति को यदि कोई मच्छर काटता है तो वायरस उस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। यही मच्छर यदि किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो उसे डेंगू होने का खतरा रहता है। डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें, क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। किसी में भी ये लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें।
मच्छरों से बचने का करें प्रयास
मौसम में बदलाव के कारण डेंगू का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें और मच्छरों से बचने का प्रयास करें। सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त कराए गए हैं। सीएचसी स्तर पर भी किट से डेंगू की जांच की व्यवस्था की गई है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ