लखनऊ। अब तकनीक के दम पर मेट्रो बिना चालक के पटरी पर दौड़ सकती है। टेलीकॉम इंजीनियर मशहूर आलम ने शनिवार को इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से रिवर बैंक कॉलोनी के इंजीनियर्स भवन में व्याख्यान में यह जानकारी दी। बताया कि एक से तीन तक के निचले ग्रेड ऑफ ऑपरेशन में मेट्रो चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत होती है। लखनऊ मेट्रो चालक सहित ट्रेन प्रणाली है। चारबाग से वसंत कुंज तक 11.5 किमी के रूट पर 5,800 रुपये करोड़ की लागत से जल्द ही काम शुरू होने वाला है।