स्वास्थ्य और सौंदर्य का संतुलन जीवन में बेहद जरूरी है। शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से स्वस्थ रहने पर ही व्यक्ति की सुंदरता निखरती है। ऑल इंडिया कॉस्मेटोलॉजिस्ट्स एंड ब्यूटीशियन एसोसिएशन की ओर से गोमतीनगर के होटल में आयोजित सेमिनार में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमा श्रीवास्तव ने यह बात कही। सेमिनार में देशभर से सौंदर्य और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। सेमिनार का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि सौंदर्य और स्वास्थ्य के मेल से ही असली सुंदरता आती है।
डॉ. रमा श्रीवास्तव ने कहा कि सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रसाधनों का इस्तेमाल होता है। कई बार अनजाने में ये प्रसाधन हमें फौरी तौर पर सुंदर बनाते हैं, लेकिन स्थायी तौर पर कई गंभीर समस्याएं दे जाते हैं। इसलिए सौंदर्य विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साथ आना जरूरी है। इसी प्रयास के तहत पिछले 20 साल से इस अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। यह 21वां अधिवेशन है। मनोचिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का त्वचा से गहरा संबंध है, क्योंकि यह शरीर का सबसे बड़ा अंग है। खुश रहने पर ऐसे हॉर्मोन पैदा होते हैं, जिनसे चेहरे पर चमक आती है। प्रो. एके सिंह ने कहा कि चेहरे पर आने वाली झुर्रियों से बचने के लिए प्राकृतिक चीजों पर भरोसा करें। घरेलू नुस्खे इसमें फायदेमंद साबित होते हैं। उन्होंने व्यायाम, योग और मस्तिष्क को तनावमुक्त रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही अच्छी नींद भी वास्तविक सुंदरता के लिए बहुत जरूरी है।
बेहद खतरनाक है स्टेरॉयड का इस्तेमाल
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति जैन ने बताया कि बिना जानकारी किसी भी क्रीम का इस्तेमाल खतरनाक होता है। इसमें मौजूद स्टेरॉयड आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। बेहतर है कि डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही कोई क्रीम इस्तेमाल करें। चेहरे पर दाग-धब्बे या फिर दाग पड़ने पर अपने आप इलाज न करें। त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही दवाएं खाएं या फिर क्रीम लगाएं। उन्होंने विटामिन-ई के बहुत ज्यादा इस्तेमाल पर सतर्क रहने के लिए कहा।