कोविड की दूसरी लहर के बाद जब रेलवे ने ट्रेनों का संचालन शुरू किया तो धीरे-धीरे मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को पटरी पर उतार दिया, लेकिन मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया था। इससे दैनिक यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं। यात्रियों की लगातार मांग पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन की ओर से लखनऊ से कानपुर के बीच मेमू ट्रेन को अनारक्षित स्पेशल बनाकर गत 13 मार्च को पटरी पर उतार दिया गया।
दैनिक यात्री एसोसिएशन अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि लखनऊ से कानपुर की तरह ही प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, रायबरेली रूट पर भी मेमू को अनारक्षित स्पेशल बनाकर चलाने की मांग की गई थी, जिस पर रेलवे अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है। उत्तर रेलवे डीआरएम एसके सपरा ने बताया कि कानपुर के बाद अब अन्य रूटों के दैनिक यात्रियों की राह आसान करने की योजना है, जिस पर मंथन किया जा रहा है।
बस के महंगे टिकट से मिलेगी छुट्टी
लखनऊ की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अलख श्रीवास्तव ने बताया कि सुलतानपुर से आने-जाने के लिए बस इस्तेमाल करते हैं। उसके महंगे किराए से बजट बिगड़ रहा है। वहीं रायबरेली एम्स की नर्सिंग अफसर तृप्ति भारती ने बताया कि अपडाउन करना पड़ता है। बस के टिकट महंगे हैं। मेमू के चलने से आराम हो जाएगा और बजट भी नहीं बिगड़ेगा।
इतना है किराए में अंतर
लखनऊ से ट्रेन बस
सुल्तानपुर 30 172
प्रतापगढ़ 35 191
बाराबंकी 30 55
रायबरेली 30 92