जिले में टीबी मरीजों की संख्या कम नहीं है लेकिन शासन से दवा की सप्लाई नहीं हो रही है। मरीजों को विभाग की ओर से दवा बाजार से खरीद कर उपलब्ध कराई जा रही है। पर्याप्त दवाएं नहीं मिलने से बार-बार मरीज और तीमारदार अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जिले में मौजूदा समय में 1085 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें 315 मरीज 4 एफडीसी तो 770 मरीज 3 एफडीसी के शामिल हैं। इनके इलाज के लिए 4 एफडीसी के 6000 टेबलेट व 3 एफडीसी की 4400 खुराक ही मौजूद हैं। यह दवा शासन से नहीं बल्कि सीएमओ की ओर से खरीदी गई है। वहीं शासन से निर्देश के बावजूद सीएमएस की ओर से दवा की खरीद नहीं हुई। ऐसे में आवश्यकता के अनुरूप दवा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को दस से 15 दिन की ही दवा दी जा रही है।
ये दवाएं हैं शामिल
4 एफडीसी (चार फिक्स डोज कांबिनेशन ) में रिफामसीन, आइसोनियासिड, पैराजिनामाइड व एथेंबुटाल दवा शामिल है। जबकि 3 एफडीसी (तीन पिक्स डोज कांबिनेशन) में रिफामसिन, आइसोनियासिड व एथेंबुटाल दवा शामिल हैं।
एक्स रे फिल्म की भी किल्लत
जिला टीवी अस्पताल में टीवी मरीजों की जांच के लिए मौजूद एक्सरे मशीन की मरम्मत कराकर उसे दुरुस्त करा दिया गया है। लेकिन एक्सरे फिल्म के अभाव में मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है। इससे टीबी की जांच में परेशानी हो रही है।