लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पुस्तकालय व सूचना विज्ञान विभाग के शोध में सामने आया है कि राजधानी के राजकीय चिकित्सा संस्थानों की मेडिकल लाइब्रेरी स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने, भ्रामक चिकित्सा सूचनाओं की पहचान करने और मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंजलि गुलाटी और सीनियर रिसर्च फेलो हरमन इफ्तेखार का संयुक्त शोधपत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्कोपस सूचीबद्ध शोध पत्रिका जर्नल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक रिसोर्सेज इन मेडिकल लाइब्रेरीज में प्रकाशित हुआ है। यह अध्ययन केजीएमयू, एसजीपीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में किया गया। इसमें एमबीबीएस व पीजी छात्रों, चिकित्सकों, शिक्षकों और शोधार्थियों समेत 375 लोगों को शामिल किया गया।