लखनऊ। सेना के हवलदार ने अपनी पत्नी के खिलाफ चिनहट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद युवती ने प्रेम जाल में फंसाकर न सिर्फ 10 लाख रुपये हड़पे, बल्कि सेना से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा करने का दबाव भी बनाया। बाद में युवती से शादी के बाद एक दिन शक होने पर उन्होंने जब उसका मोबाइल चेक किया तो सेना से संबंधित तमाम अहम जानकारियों के साथ ही आपत्तिजनक सामग्री मिली। यह भी पता चला कि वह युवती तो पहले से शादीशुदा है।
बाराबंकी के कुड़ी गांव के रहने वाले सेना के हवलदार के मुताबिक छह वर्ष पहले सोशल मीडिया पर एक युवती से उनकी दोस्ती हुई थी। तब वह असम में तैनात थे। युवती ने उन्हें बताया था कि वह चिनहट के मटियारी में किराये के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। धीरे-धीरे दोनों में मुलाकातें होने लगीं। युवती ने उनसे शादी करने की बात कही और शारीरिक संबंध भी बनाए। हवलदार का आरोप है कि युवती उनसे मोबाइल पर सेना की कार्यप्रणाली और उससे जुड़ी जानकारियां लेने की कोशिश करती थी।
2019 में उनका तबादला सिक्किम हो गया। इस बीच युवती ने उनसे कई बार में 10 लाख रुपये ले लिए। 10 लाख रुपये और मांगे तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद उसने हवलदार के खिलाफ बाराबंकी के रामनगर थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। बाद में समझौता होने पर युवती ने इस शर्त पर हवलदार से शादी कर ली कि वह गांव में नहीं रहेगी। इस पर हवलदार ने जानकीपुरम में उसे मकान दिलाया।
संदेह होने पर जब हवलदार ने उसका मोबाइल देखा तो उसमें सेना से संबंधित अहम जानकारी के साथ ही आपत्तिजनक सामग्री मिली। तब पता चला कि वह हनीट्रैप का शिकार हुए हैं। युवती के पास डॉक्टर का पर्चा भी मिला, जिससे पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और गर्भपात करा चुकी है। वह अभी भी पहले पति के संपर्क में है।
हवलदार के मुताबिक शादी के बाद वह युवती के साथ दिल्ली गए थे। जहां वह आर्मी काॅलोनी ले चलने के लिए दबाव बनाती थी। मना करने पर उसने जान से मारने की धमकी तक दे डाली। अगस्त में जब वह लखनऊ आए तो उसकी सहेली से पता चला कि वह मुंबई में है। इतना ही नहीं वह दुबई के कुछ लोगों के संपर्क में रहती है। चिनहट इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।