अक्षय स्नान दान पुण्य की अक्षय तृतीया (बैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया) इस बार फिर लोगों को दो दिनों के फेर में डालेगी।
अक्षय तृतीया 2 मई शुक्रवार को है, लेकिन तृतीया का मान एक मई को सुबह 10:47 से शुरू हो जाएगा।
महानगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार एक मई को सुबह 10:47 बजे के बाद से तृतीया का मान शुरू हो जाएगा, जो दो मई को सुबह 11:22 बजे तक रहेगी।
आचार्य ने बताया कि शुक्रवार को उदया तिथि में ही तृतीया का मान रहने से खरीदारी या विवाह के लिए तिथि और मुहूर्त शुभ रहेगा।
इसी दिन व्रत-दान करना भी श्रेयस्कर रहेगा जबकि बृहस्पतिवार को उदया तिथि में तृतीया का मान न मिल पाने के कारण इस दिन दान-पुण्य करना श्रेयस्कर नहीं।
हां, इस दिन ब्राह्मण शिरोमणि भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाएगी। क्योंकि उनकी जयंती दिन के दूसरे पहर के बाद मनाई जाती है।
आचार्य ने बताया कि एक मई को दिन में रोहिणी नक्षत्र होने और दो मई का मृगशिरा नक्षत्र के चलते दोनों दिन क्रमया: अतिगंड और शोभन योग बन रहे हैं।
ऐसे में दोनों दिन जबरदस्त शादियां रहेंगी। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान का पुण्य और खरीदा गया सामान अक्षय रहता है।
अक्षय रहता है दान-पुण्य
अक्षय तृतीया को ईश्वरीय तिथि माना गया है। मान्यता है कि इसी दिन से त्रेतायुग का शुभारंभ हुआ था। इसीलिए इसे युगाब्दि तृतीया भी कहा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया गया जप, तप, दान, धर्म का पुण्य कभी भी नष्ट नहीं होता। किसी भी वस्तु का नाश न हो इसलिए अक्षय तृतीया मनाई जाती है।
कब क्या खरीदें
सोना, चांदी, आभूषणों, जमीन, खेत, प्रॉपर्टी, मकान आदि खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त।
•सूर्योदय से सुबह 8:05 बजे तक। (वृष लग्न)
•दोपहर 12:36 से 02:50 बजे तक। (सिंह लग्न)
•शाम 7:19 बजे से रात 09:36 बज तक। (वृश्चिक लग्न)
•वाहन, कार, बाइक, टीवी, फ्रिज, एसी, प्लाज्मा टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम, जिनमें कहीं न कहीं चल शब्दावली प्रयाग होती है।
•सुबह 10:19 बजे से 12:36 बज तक
सौंदर्य वाले सामान आदि
•दोपहर 02:50 बजे से शाम 5:03 बजे तक खरीदारी शुभ।