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त्योहारी सीजन पर टिकी बाजार की उम्मीद

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रोली खन्ना
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लखनऊ। काफी समय से हिचकोले खाते बाजार को अब आने वाले त्योहारी सीजन में उम्मीद की किरण नजर आ रही है। अलग-अलग ट्रेड के कारोबारी अपने अनुमान जता रहे हैं। किसी को बहुत ज्यादा की उम्मीद है तो कुछ का कहना है कि 2021-22 का ही बिक्री का स्तर हासिल कर ले तो बहुत है। कुल मिलाकर नवरात्र से दीपावली व अन्य त्योहारों को लेकर ट्रेड के हिसाब से बाजार 70 फीसदी तक वृद्धि की आस लगाकर बैठा है। सराफा, होम एप्लायंस, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जुड़े कारोबारी खुश हैं। वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर चुनौतियों के बीच बेहतरी की उम्मीद लगाए बैठा है। वहीं कपड़ा कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है।
सराफा कारोबारी बोले : 35 से 40 फीसदी तक उठेगा बाजार
लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष व यूपी सराफा एसोसिएशन के महामंत्री रविन्द्र नाथ रस्तोगी कहते हैं कि बीते पांच दिन से बाजार अच्छा जा रहा है और आगे पितृपक्ष के पहले तक अच्छे खरीदार मिलेंगे। सराफा बाजार में अगस्त-सितंबर में हमेशा सन्नाटा रहता है। रही बात नवरात्र से दीपावली तक के बाजार की तो 35 से 40 फीसदी बाजार में उछाल आएगा। लखनऊ में खास दिनों में हर दिन 50 किलो सोने की औसत खपत होती है। सामान्य दिनों में भी 30 किलो तक सोना बिक जाता है। अब सब कुछ भाव-ताव पर निर्भर करता है। रोज दाम बदल रहे हैं, इसका असर बाजार पर है। आने वाले समय में बाजार सहालग, दीपावली और छुट्टियों में घर आए प्रवासी भारतीयों के आने से बढ़ेगा। आलमबाग सराफा के रामकुमार वर्मा कहते हैं कि इस बार छोटी सहालग है, इसका थोड़ा बहुत बाजार पर असर रहेगा।
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इलेक्ट्रॉनिक बाजार : गर्मी में बंपर बिक्री, आगे भी उम्मीद ज्यादा
इलेक्ट्रॉनिक व्यापार मंडल के महामंत्री दिनेश जैन कहते हैं कि गर्मी में बाजार में जबरदस्त तरीके से उछाल आई। बीते सालों की छूटी खरीदारी इस गर्मी में की गई। त्योहारी मौसम में 60-70 फीसदी की वृद्धि कहीं नहीं गई। लोगों ने अपनी जरूरतें होल्ड कर रखीं थीं। वहीं ऑल इंडिया मोबाइल रिटेल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जौहर कहते हैं कि चार साल पहले की तुलना में तो बाजार सिमट गया है, लेकिन इस त्योहार में दोगुनी बिक्री का अनुमान लगाकर हम लोगों ने उत्पाद ऑडर्र किए हैं।
कपड़ा बाजार : पुराने स्तर को ही बरकरार रखने की जद्दोजहद
कपड़ा बाजार में कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। उनका कहना है कि लखनऊ ही नहीं बल्कि प्रदेश व देश में कपड़ा उद्योग इस वक्त संकट से जूझ रहा है। आने वाले समय के लिए होने वाले सौदे भी पहले की तुलना में घटे हैं, क्योंकि कारोबारी रिस्क लेना नहीं चाहता है। अमरनाथ मिश्रा कहते हैं कि बीती सहालग का भी कोई फायदा नहीं मिला, आने वाली सहालग छोटी है। मौसम की अनिश्चितता भी कपड़ों की बिक्री को प्रभावित कर रही है। वहीं उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक मोतियानी कहते हैं कि त्योहार पर बाजार बढ़ेगा, मगर 50 फीसदी से अधिक नहीं। शहर के एक मॉल में ब्रांडेड शो रूम के सेल्स हेड का कहना है कि कपड़ा प्राथमिकता नहीं है लोगों की, फिर भी जरूरत के हिसाब से लोग खरीदारी करेंगे, ऐसी ही उम्मीद है।
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ऑटोमोबाइल सेक्टर : आपूर्ति का संकट, मांग और चुनौतियां ज्यादा
कोरोना काल में भी जिस सेक्टर की सेहत अच्छी रही, वह बीते एक साल से अलग ही तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऑटोमोबाइल सेक्टर आपूर्ति के संकट के बीच नवरात्र, धनतेरस और दीपावली मनाने की तैयारी कर रहा है। एक ब्रांड से जुड़े सेल्स हेल्ड अभिषेक तिलहरी कहते हैं कि आपूर्ति की दिक्कत बरकरार है। आज की तारीख में गाड़ी बुक करने वालों को 8 से 16 हफ्ते की बुकिंग दी जा रही है। ये संकट त्योहार के दिन करीब आते-आते बढ़ेगा।
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