गांव में बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में अब मनरेगा के भी मजदूर लगाए जा सकेंगे। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
मनरेगा में लगने वाले मजदूरों की मजदूरी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय देगा।
जबकि लागत का अन्य हिस्सा केंद्र व राज्य सरकार पहले से ही वहन करती हैं। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 63 हजार रुपये मनरेगा के तहत दिए जाएंगे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत इन गांवों में 2357 आंगनबाड़ी केंद्र बनने हैं।
लेकिन आंगनबाड़ी निर्माण कार्य की धीमी गति पर सरकार ने नाराजगी जताते हुए अब इन केंद्रों के निर्माण का जिम्मा जिलाधिकारियों को दे दिया है।
सरकार ने यह भी तय किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मनरेगा के मजदूर भी लगाए जाएं। इससे मनरेगा के तहत ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिल जाएगा।
सरकार ने दिए 57.34 करोड़ रुपये
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए सरकार ने 57.34 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इसी से 75 जिलों में कुल 2357 आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले में बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पैसा डीएम को दिया जाएगा।