मड़ियांव निवासी दूधिए नसीर अहमद की हत्या 40 हजार रुपये के लिए उसके दोस्त मुक्तेश्वर तिवारी उर्फ मुनान ने अपने भतीजे शंखदीप तिवारी उर्फ गुल्ली के साथ मिलकर की थी।
पुलिस ने मंगलवार रात दोनों आरोपियों को डालीगंज क्रॉसिंग के पास गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कुबूला कि उन्होंने नसीर की हत्या हसनगंज के पक्का पुल पर की थी। इसके बाद शव माल के काकराबाद स्थित बेताना पुल के नीचे फेंक दिया था।
एएसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार ने बताया कि नसीर 23 फरवरी की रात दूध की सप्लाई कर खदरा स्थित होटल पर गया था, जहां से वह लापता हो गया। उसकी बाइक होटल पर ही खड़ी थी। उसके बहनोई ने हसनगंज थाने में लावारिस बाइक के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कराई।
पड़ताल के दौरान दो दिन बाद माल में मिले लावारिस शव की शिनाख्त नसीर के रूप में उसके घरवालों ने की थी। एएसपी के अनुसार, पूछताछ में दोनों मुनान ने बताया कि उसने नसीर को फोन कर साथ में शराब पीने की बात कही थी।
इसके बाद मुनान अपने भतीजे गुल्ली को लेकर नसीर के पास खदरा गया। इसके बाद पक्का पुल पर कार में महफिल जम गई। शराब खत्म होने के बाद तीनों कार से ही पुरनिया गए, जहां शराब नहीं मिली तो बीयर खरीदी। इसके बाद फिर पक्का पुल पहुंचे, जहां मुनान ने नसीर से 40 हजार रुपये मांगे।
गर्दन पर चाकू से किए वार
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- फोटो : अमर उजाला
मुनान के अनुसार, यह रकम नसीर पर उधार थी। इन्कार पर दोनों में कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ा तो पीछे खड़े गुल्ली ने नसीर की गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इससे नसीर खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
सीओ महानगर विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों ने घायल नसीर को कार में लाद लिया और उसके गमछे से गर्दन बांध दी। इसके बाद आईआईएम होते हुए माल पहुंचे, जहां काकराबाद के बेताना पुल के नीचे नसीर को ले गए।
इसके बाद नसीर पर फिर पांच-छह वार चाकू से किए। इसके बाद आरोपियों ने चाकू, नसीर का गमछा, मोबाइल, खून के धब्बे लगे खुद के कपड़े घैला पुल के पास फेंक दिए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चाकू सहित सारे सुबूत बरामद कर लिए। हत्या में इस्तेमाल इंडिका कार भी पुलिस को मिल गई। कार में खून के धब्बे थे। उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, नसीर दूध बेचता था और मुनान का कपड़े का कारोबार है। इसके अलावा दोनों जमीन का कारोबार भी करते थे। हाल ही में दोनों ने मिलकर एक जमीन का सौदा किया था।
इसकी बिक्री की सारी रकम नसीर के पास ही थी। काफी दिनों से मुनान की मां बीमार थी। वह शराब के नशे में नसीर से बकाया रकम मांगने लगा। नसीर ने तत्काल पैसे देने से मना कर दिया। इसी बात पर गुस्साए मुनान व उसके भतीजे ने हत्या कर दी।