लखनऊ। सरोजनीनगर के सराफा कारोबारी जितेंद्र कुमार को कॉल कर दस लाख की रंगदारी मांगने के आरोपी संजय दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मोबाइल पर वॉयस सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर आवाज बदलकर रंगदारी मांगी थी। आरोपी ने खुद को कनाडा में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का करीबी बताया था।
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी संजय दास बिहार के वैशाली नारीकला खुर्द का रहने वाला है। वह लखनऊ में टीपीनगर एलडीए कॉलोनी में किराये पर रहता है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं इनका प्रयोग रंगदारी में किया गया था। प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर संतोष आर्या के मुताबिक, आरोपी संजय ने आठ जून की सुबह हीरालाल नगर निवासी जितेंद्र कुमार को व्हाट्सएप कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। जितेंद्र की स्कूटर इंडिया चौराहे के पास मां अन्नपूर्णा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। आरोपी ने कहा था कि वह गोल्डी बराड़ गिरोह से बोल रहा है। आज शाम तक 10 लाख रुपये का इंतजाम करवा दो नहीं तो कल का सूरज नहीं देख पाओगे। हाल ही में पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गोल्डी बराड़ का नाम आने केबाद से कारोबारी का परिवार भी सहम गया था।
यू-ट्यूब पर देखकर बनाई थी योजना
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, संजय ने बताया कि उसने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर रंगदारी मांगने की योजना बनाई थी। आवाज बदलने के लिए 40 हजार रुपये का एक सॉफ्टवेयर खरीदा। आवाज बदलकर रंगदारी मांगी। साथ ही गूगल पे खाते में रकम भेजने को कहा। वही गूगल पे खाता उसके मोबाइल में भी सक्रिय मिला। उसने फर्जी पहचान पत्र बनाकर इसके लिंक से सॉफ्टवेयर को मोबाइल में इंस्टॉल किया। जिससे व्हाट्सएप पर आसानी से फेक आईडी बना लेता था और लोगों को धमकी देकर पैसा मांगता था। आरोपी ने बताया कि वह मार्च 2012 से लखनऊ में रहता है। कई जगह किराये पर रह चुका है। 18 महीने पहले श्रीराम इंटरप्राइसेस की मोबाइल एसेससरीज की दुकान पर काम करता था। वह शहर में घूमकर ज्वैलरी दुकान के बोर्ड पर पड़े मोबाइल नंबरों को नोट कर लेता था। उसके बाद कॉल करता था। उसने बताया कि कई व्यापारियों को कॉल की लेकिन रुपये किसी से नहीं मिले। उसके बताए सराफा कारोबारियों से पुलिस संपर्क कर रही है।