सपाइयों ने मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव मुलायम सिंह बनाम भाजपा बना दिया है। उनके निधन के बाद हो रहे इस चुनाव में सपाई नेताजी के नाम और उनके काम की दुहाई देकर वोट मांग रहे हैं। प्रत्याशी डिंपल यादव ही नहीं बल्कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इसी रणनीति पर कार्य कर रहे हैं।
आमतौर पर जनसभाओं में खुद के कार्यों मेट्रो, एक्सप्रेसवे आदि को गिनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मैनपुरी में बदले हुए नजर आ रहे हैं। वह मुलायम सिंह यादव के कार्यों को गिना रहे हैं। वह एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हैं लेकिन इसका श्रेय भी मुलायम सिंह को देते हैं। इसी तरह मैनपुरी क्षेत्र में हुए मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सभी कार्यों को मुलायम सिंह से जोड़कर बताते हैं। वह जनसभा ही नहीं, बल्कि घर-घर जनसंपर्क में भी नेताजी और जनता के रिश्ते की दुहाई दे रहे हैं।
यही स्थिति प्रत्याशी डिंपल यादव की है। वह जनसंपर्क में महिलाओं के बीच नेताजी का जिक्र कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए वोट मांगती हैं। कहती हैं, उन्होंने संकल्प लिया है कि नेताजी के आदर्शों और विचारों पर चलकर मैनपुरी के विकास को आगे बढ़ाएंगी।
अलग-अलग जाति के नेताओं को किया ताकीद
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न बूथों पर जिम्मेदारी संभाल रहे अलग-अलग जाति के नेताओं को ताकीद किया गया है कि वे जनता के बीच सिर्फ और सिर्फ नेताजी की बात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों कुछ दलित नेताओं ने दलितों के बीच अन्य नेताओं की तस्वीर लगाकर जनसभा की। इस पर पार्टी मुख्यालय से उन्हें निर्देश दिया गया कि मैनपुरी में सिर्फ और सिर्फ नेताजी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की बात करना है। उन नेताओं को मुलायम सिंह यादव द्वारा दलित हित में किए गए कार्यों को गिनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मैनपुरी आए ज्यादातर यादव नेताओं को लौटाया
सपा ने कुछ समय पहले प्रदेश भर के नेताओं को मैनपुरी, खतौली और रामपुर जाने के लिए कहा था। ऐसे में ज्यादातर यादव नेता मैनपुरी में डट गए। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब मैनपुरी में डेरा डालने वाले यादव नेताओं को वापस जाने का निर्देश दिया है। उनका तर्क है कि मैनपुरी में सैफई परिवार खुद ही लगा हुआ है।
ऐसे में अन्य यादव नेता रामपुर अथवा खतौली जाएं। पूरब के मुस्लिम नेताओं को मैनपुरी में लगाया गया है जबकि पश्चिम वालों को खतौली व रामपुर में जाने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह दलित नेताओं में मध्य और पूरब के लोगों को मैनपुरी और पश्चिम वालों को रामपुर व खतौली में रहने का निर्देश दिया गया है।