गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से 30 बच्चों समेत 50 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गई। डालिए इस मामले में अब हुए घटनाक्रम पर एक नजर-
- बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज पर 68 लाख रुपए की देनदारी होने के चलते पुष्पा सेल्स लिमिटेड ने लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी थी।
- मीडिया में खबरों के बाद सरकार के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि 30 बच्चों की मौत की खबरें भ्रामक हैं। केवल सात मरीजों की मौत हुई है, वह भी अन्य कारणों से।
- पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि मृतकों के परिजनों को लाश देकर बिना पोस्टमार्टम के भगाया जा रहा है। साथ भर्ती कार्ड भी हटाए जा रहे हैं।
- शनिवार सुबह स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों मंत्री गोरखरपुर के लिए रवाना हो गए। हालात का जायजा लेकर वह सीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
- दोनों मंत्रियों के गोरखपुर पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही सीएम ऑफिस ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मामले की गहन पड़ताल कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
- कांग्रेस और सपा के नेताओं का प्रतिनिधि मंडल गोरखपुर पहुंचा। अखिलेश ने कहा कि सरकार सच्चाई को छिपा रही है। वहीं कांग्रेस ने सीएम के इस्तीफे की मांग की है।
- कंपनी के मालिक मनीष भंडारी को पकड़ने के लिए पुलिस ने लखनऊ में उसके रिश्तेदारों के यहां ताबड़तोड़ छापेमारी की।
- कंपनी की एचआर मीनू वालिया ने बयान जारी कर कहा कि हमने मेडिकल कॉलेज को बकाये के भुगतान के लिए जरूर लिखा था, लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं बंद की।