महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत और पूर्व पुलिस कप्तान मणिलाल पाटीदार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की क्रमश: जांच कर रही एसआईटी और विजिलेंस की टीम ने बुधवार को पीड़ित परिवार से जानकारी हासिल की। इस दौरान पीड़ित परिवार ने कहा, उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने शिकायत की है कि पुलिस उनके फोन नंबरों को सुन रही है और उन्हें भी जान का खतरा है।
वाराणसी के आईजी विजय सिंह मीना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने क्रशर कारोबारी की मौत की जांच शुरू कर दी है। उसने सबसे पहले ग्राम नहदौरा पहुंचकर घटनास्थल की जांच पड़ताल की। टीम ने यहां चंद कदम दूर रहने वाले रवींद्र, शिवपाल और अंकुर से पूछताछ की। इन्होंने बताया कि कार बघवा खोड़ा की तरफ जाती दिखी थी। पर, गाड़ी कैसे पलटी, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद एसआईटी की टीम करबई थाना पहुंची। यहां घटना से जुड़े दस्तावेज खंगाले, कुछ पुलिसकर्मियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। टीम ने इंद्रकांत की कार का भी निरीक्षण किया। आईजी के. सत्यनारायण ने बताया कि टीम एक सप्ताह के भीतर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी।
वहीं, पूर्व पुलिस कप्तान पाटीदार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही विजिलेंस की टीम ने पीड़ित परिवार से वसूली के संबंध में जानकारी हासिल की। विजिलेंस ने मृतक कारोबारी इंद्रकांत द्वारा वायरल किए गए वीडियो को लेकर भी सवाल किए।
क्रशर कारोबारी के पार्टनर के घर का कोना-कोना छाना
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत के पार्टनर पुरुषोत्तम सोनी के घर मंगलवार रात पुलिस ने छानबीन की। इस दौरान पुलिस नेे गेट न खुलने पर कुंडी तोड़ दी। फिर घर का कोना-कोना छाना। इस पर नाराजगी जताते हुए मृतक इंद्रकांत के भाई रविकांत ने कहा कि पुलिस नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने के बजाय अन्य लोगों को परेशान कर रही है। इसके चलते तमाम परिवारीजन व रिश्तेदार अपने घरों पर ताला लगाकर अन्य जगहों पर चले गए हैं।