लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षकों को इस वर्ष भी सुपर न्यूमेरिक कोटे के तहत पीएचडी में प्रवेश मिलेगा। गत वर्ष भी शिक्षकों को इसके तहत एडमिशन मिला था। लेकिन पीएचडी अध्यादेश में बदलाव होने के बाद इस व्यवस्था को लेकर संशय था। नए अध्यादेश में इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया है, यह अध्यादेश विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
लविवि में सत्र 2023-24 में होने वाले पीएचडी दाखिले नए पीएचडी अध्यादेश 2023 के हिसाब से ही होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियम के मुताबिक, प्रोफेसर को आठ, एसोसिएट प्रोफेसर को छह और असिस्टेंट प्रोफेसर को अधिकतम चार शोधार्थी आवंटित हो सकते हैं। लेकिन अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है कि सुपर न्यूमेरिक कोटे के तहत प्रवेश पाने वाले शिक्षक इसमें नहीं जुड़ेगे।
लविवि ने सोमवार को 39 विषयों में विवि और संबद्ध कॉलेजों में 898 नियमित और 58 पार्टटाइम सीटों पर पीएचडी के प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी किया था। मंगलवार से प्रवेश के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इसकी अंतिम तिथि 22 जनवरी है। अभ्यर्थी विवि की वेबसाइट पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन फाॅर्म भर सकते हैं।
पीएचडी करने वाले शिक्षक नहीं बन सकेंगे गाइड
विवि में पीएचडी करने वाले शिक्षकों को शोधार्थी नहीं आवंटित होंगे। इससे वह गाइड नहीं बन पाएंगे। नवीन पीएचडी अध्यादेश में इसे लेकर व्यवस्था की गई है। सुपर न्यूमेरिक कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले शोधार्थी शिक्षकों के लिए अध्यादेश में ऑनलाइन कोर्सवर्क का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उसे 12 क्रेडिट हासिल करने होंगे। यह व्यवस्था रिसर्च एडवाइजरी कमेटी के अधीन होगी।
कोर्सवर्क की व्यवस्था आरएसी करेगी
शिक्षकों को सुपर न्यूमेरिक कोटे के तहत पीएचडी में प्रवेश दिया जाएगा। उनके ऑनलाइन कोर्सवर्क की व्यवस्था रिसर्च एडवाइजरी कमेटी (आरएसी) कर सकती है। अध्यादेश 2023 में यह प्रावधान किया गया है।
- प्रो. गीतांजली मिश्रा, अधिष्ठाता शैक्षणिक लविवि