छह सितंबर को सुबह 11.30 से दोपहर 01 बजे तक हिंदी, परसियन, उर्दू, जुलॉजी, स्टेटिसटिक्स, बॉटनी, भूगोल, राजनीति विज्ञान, शाम 04 से 5.30 बजे तक अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, होम साइंस, एंथ्रोपोलॉजी, समाजशास्त्र, बायोकेमेस्ट्री, फिजिक्स, संस्कृत, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की प्रवेश परीक्षा होगी। वहीं, सात सितंबर को सुबह 11.30 से दोपहर 01 बजे तक कॉमर्स, फिलॉसिफी, डिफेंस स्टडीज, केमेस्ट्री, एआईएच, एजुकेशन, जियोलॉजी, वेस्टर्न हिस्ट्री, फे्रंच व शाम 04 से 5.30 बजे तक मेडिवल एंड मॉडर्न हिस्ट्री, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, साइकोलॉजी, सोशल वर्क, मैथ्स, अप्लाइड इकोनॉमिक्स, लॉ, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, लिंग्विसटिक्स की प्रवेश परीक्षा होगी।
प्रो. पंकज माथुर ने बताया कि आवेदकों को 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। 90 मिनट की परीक्षा एमसीक्यू पर आधारित होगी। इसमें संबंधित विषय व रिसर्च मेथडोलॉजी से 70 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
विवि से संबद्ध कॉलेजों के स्नातक शिक्षकों को पहली बार पीएचडी कराने का अवसर तो दिया गया, लेकिन उनका इंतजार नहीं खत्म हुआ। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से जानकारी लेकर डीआरसी से सीटें तो निर्धारित कर दीं, लेकिन न तो इसमें कॉलेज और विवि का वर्गीकरण किया गया है और न ही कॉलेजों की मांग के बाद यह बताया गया कि किस शिक्षक को पीएचडी सीट अलॉट हुई है और किसे नहीं?