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Lucknow News: लविवि में अगले सत्र से एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम

Thu, 16 Nov 2023 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत अगले साल से एक साल का परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। चार वर्षीय स्नातक डिग्री धारकों को इसमें दाखिला मिलेगा। लविवि प्रशासन ने इसके लिए सभी विभागों को सिलेबस तैयार करने का निर्देश जारी कर दिया है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 से अपने यहां नई शिक्षा नीति लागू कर दी थी। नई शिक्षा नीति में स्नातक पाठ्यक्रम में किसी भी स्तर पर पढ़ाई छोड़ने और दोबारा दाखिला लेने की व्यवस्था है। इससे पहले तक स्नातक तीन साल का था। नई शिक्षा नीति में स्नातक स्तर पर चौथे साल की पढ़ाई पूरी करने पर विद्यार्थी को डिग्री विद रिसर्च की उपाधि प्रदान करने का नियम है। इस उपाधि का एक फायदा यह होगा कि परास्नातक की पढ़ाई सिर्फ एक साल में पूरी करने की सुविधा भी है। लविवि में अगले साल चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी करने वाला पहला बैच निकलेगा। ऐसे में लविवि को इस बैच को एक साल के परास्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला देने का विकल्प भी देना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए लविवि प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही इसे सभी विभागों की बोर्ड ऑफ स्टडीज में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
सिलेबस में शोध को बढ़ावा मिलेगा
प्रस्तावित सिलेबस में शोध को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके लिए विभागों व संकाय स्तर पर शिक्षकों के साथ बैठक कर उनके विचारों को शामिल किया जाएगा। विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रो. विभूति राय ने बताया कि शिक्षा नीति में बीएससी चार वर्षीय पाठ्यक्रम में अंतिम वर्ष में बीएससी ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री मिलनी है। इसके साथ ही एक ही वर्षीय परास्नातक एमएससी में भी शोध को शामिल करने की बात कही गई है। ऐसे में यह तय किया है कि पाठ्यक्रम का प्रारूप इस तरह का हो जिसमें विद्यार्थियों को शोध का अधिक मौका मिले। वर्तमान में विवि में तीन वर्षीय स्नातक और दो वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित है। अब एक वर्षीय पीजी और चार वर्षीय यूजी लागू करने की तैयारी चल रही है।
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7.5 सीजीपीए वाले विद्यार्थियों को ही चौथे वर्ष में दाखिला

लविवि ने स्नातक आर्डिनेंस में कई बदलाव किए हैं। इसके तहत 7.5 सीजीपीए पाने वाले विद्यार्थियों को ही स्नातक चौथे साल में दाखिला मिलेगा। नई शिक्षा नीति में 7.5 सीजीपीए से कम वाले विद्यार्थियों को मल्टीडिस्पिलेनरी डिग्री देने की व्यवस्था है, लेकिन लविवि ने यह मौका नहीं दिया है। फिलहाल 7.5 सीजीपीए वाले विद्यार्थियों को ही चौथे वर्ष में दाखिला और एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम सुविधा का लाभ मिलेगा।



परीक्षा की तैयारी के लिए विभागों को भेजा पत्र

डीन साइंस प्रो. विभूति राय ने बताया कि विषम सेमेस्टर के लिए प्रस्तावित परीक्षाओं की तिथि जारी हो चुकी हैं। ऐसे में सभी विभागों पत्र भेज दिया गया है कि वह छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित कर लें। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर रिवीजन भी शुरू कर दें।
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