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Lucknow University : अब ‘नैक गुरु’ की भूमिका निभाएगा लखनऊ विश्वविद्यालय, बताएगा कैसे मिलती हैअच्छी ग्रेडिंग

Sat, 06 Aug 2022 04:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अक्षय कुमार, लखनऊ

सार

Lucknow University : वह अब संबद्ध 10 कॉलेजों के साथ ही दूसरे विश्वविद्यालयों को भी अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने के लिए तैयार करेगा। इसके लिए कुछ विश्वविद्यालयों ने लविवि से संपर्क किया है, वहीं विवि खुद अपने 10 संबद्ध कॉलेजों को चयनित कर रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को नैक के लिए लविवि से सहयोग लेने के लिए कहा है। 
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lucknow university - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक) में सर्वश्रेष्ठ ए प्लस प्लस ग्रेडिंग हासिल करने के बाद अब लविवि नैक गुरु की भूमिका निभाने जा रहा है। वह अब संबद्ध 10 कॉलेजों के साथ ही दूसरे विश्वविद्यालयों को भी अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने के लिए तैयार करेगा। इसके लिए कुछ विश्वविद्यालयों ने लविवि से संपर्क किया है, वहीं विवि खुद अपने 10 संबद्ध कॉलेजों को चयनित कर रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को नैक के लिए लविवि से सहयोग लेने के लिए कहा है। 
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लविवि को हाल ही में नैक में ए प्लस प्लस ग्रेडिंग मिली है। उसके अलावा प्रदेश का कोई भी राज्य या केंद्रीय विवि यह उपलब्धि नहीं पा सका है। इस सफलता पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने लविवि वीसी की पीठ थपथपाने के साथ कहा था कि लविवि अपने कॉलेजों व दूसरे विश्वविद्यालयों को भी नैक ग्रेडिंग के लिए अपेक्षित सहयोग करे। इस क्रम में विवि ने काम शुरू कर दिया है।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि हम अपने 10 संबद्ध कॉलेजों को चिह्नित कर रहे हैं। इसमें लखनऊ के साथ रायबरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर व हरदोई के कॉलेज भी शामिल होंगे। ये वो कॉलेज होंगे जो नैक में जाने वाले हैं या जा चुके हैं। ऐसे कॉलेज भी हो सकते हैं जिनका 2023 में नैक मूल्यांकन प्रस्तावित है।
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डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल से ऐसे कॉलेजों की जानकारी मांगी गई है। हम नैक की तैयारी कैसे करें, सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट कैसे भरें, इसके लिए डेटा किस तरह तैयार करें, इसमें किन चीजों का ध्यान रखें और फील्ड विजिट किस तरह से प्रस्तावित करें, इन सभी चीजों की जानकारी दी जाएगी। प्रो. राय ने कहा कि नैक के लिए डेटा बहुत महत्वपूर्ण चीज हो गई है। इसके बेहतर संयोजन से 70 फीसदी सफलता पाई जा सकती है, क्योंकि अब 70 फीसदी अंक इसी पर निर्धारित होते हैं। 

प्रो. राय ने कहा कि हमने शिया पीजी कॉलेज का सहयोग करना शुरू कर दिया है। हालांकि, वह अपनी एसएसआर पहले भर चुका है और उसका डीवीआर भी हो चुका है। अब हम फील्ड विजिट की तैयारी में सहयोग कर रहे हैं। इसके बाद के कॉलेजों को एसएसआर भरने से लेकर अंत तक के लिए तैयार करें। यह सभी कुछ कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में चल रहा है।

मेरठ कृषि विवि व अन्य का सहयोग
प्रो. राय ने बताया कि राजभवन के निर्देश पर हम मेरठ कृषि विवि की नैक की तैयारी करवा रहे हैं। वहीं, राजधानी में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि हमारे संपर्क में है। हम किसी भी संस्थान की बेहतरी में अपना जो बेहतर हो सकेगा, वह सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

केजीएमयू ने देखी सेंट्रल लाइब्रेरी
केजीएमयू भी नैक आवेदन की तेजी से तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में केजीएमयू ने भी लविवि से तैयारियों को लेकर संपर्क किया है। यही नहीं केजीएमयू की एक टीम ने लविवि की सेंट्रल लाइब्रेरी का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाएं भी देखी हैं। नैक की अच्छी ग्रेडिंग लाने में लविवि की लाइब्रेरी व यहां की व्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 
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