लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय अब स्नातक, परास्नातक और अन्य पाठ्यक्रमों के विषम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल व मौखिक परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उनकी लाइव स्ट्रीमिंग कराएगा। इसके लिए विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को अपना यूट्यूब चैनल बनाना होगा। इस पर उन्हें लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो को अपलोड करना होगा। इस संबंध में परीक्षा विभाग की ओर से सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
लविवि के परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को पत्र जारी करते हुए 12 दिसंबर से प्रस्तावित विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रैक्टिकल व मौखिक परीक्षाओं के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। कॉलेजों को प्रैक्टिकल व वायवा की सभी परीक्षाओं का 30 सेकंड का सूक्ष्म वीडियो जिसमें सभी विद्यार्थी व परीक्षक मौजूद हों, और चार फोटो विवि के लॉगिन आईडी पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद ही परीक्षा के अंक पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसका प्रिंटआउट भी कॉलेजों को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा करना होगा।
प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलेजों को अपने यूट्यूब चैनल का लिंक पोर्टल के माध्यम से विवि को उपलब्ध कराना होगा। कॉलेजों को परीक्षाओं के साथ अन्य अकादमिक गतिविधियों को भी चैनल पर अपलोड करने की छूट होगी।
शासन के निर्देश पर लागू हुई व्यवस्था
प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने जुलाई में निदेशक उच्च शिक्षा और सभी विवि के कुलसचिवों को पत्र जारी करते हुए ये निर्देश दिए थे कि प्रायोगिक परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए वह अपने संस्थान का यूट्यूब चैनल बनाएंगे। इसके साथ ही सभी परीक्षाओं की लाइव स्ट्रीमिंग करेंगे जिसका लिंक उनके चैनल पर मौजूद होगा। इसी के पालन के क्रम में लविवि ने सभी महाविद्यालयों को आदेश जारी किया है।
अनुमोदित शिक्षक ही होंगे आंतरिक परीक्षक
परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक, जिन कॉलेजों में तीन वर्षों से अनुमोदित शिक्षक तैनात हैं। वह वहां आंतरिक परीक्षक के तौर पर कार्य करेंगे। जबकि वाह्य परीक्षक, विवि महाविद्यालय के लॉगिन आईडी पर उपलब्ध कराएगा। कॉलेज की लॉगिन पर तीन परीक्षकों के नाम होंगे, जिस पर परीक्षक को 48 घंटे में अपनी सहमति देनी होगी। ऐसा न करने पर परीक्षक की असहमति मानी जाएगी और दूसरे परीक्षक को सूचित किया जाएगा। परीक्षक की सहमति होने पर कॉलेज को तत्काल प्रैक्टिकल परीक्षा करानी होगी। परीक्षक न मिलने पर परीक्षा नियंत्रक से नया परीक्षक मांगकर परीक्षा करानी होगी।