लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में अगले महीने से प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षा के लिए जारी परीक्षा केंद्रों की सूची ने विद्यार्थियों का बुरा हाल कर दिया है। छात्राओं के लिए तो और ज्यादा मुसीबत है जिनके परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर दूर तक बना दिए गए हैं। इसे लेकर परीक्षा विभाग के पास 50 से ज्यादा आपत्तियां आ चुकी हैं।
लविवि की सेमेस्टर परीक्षाएं 12 दिसंबर से प्रस्तावित हैं। इसके लिए विवि ने बीते सप्ताह परीक्षा केंद्रों की प्रस्तावित सूची जारी कर दी थी। परीक्षा केंद्र के नाम के साथ ही शिफ्टिंग सूची भी जारी की गई है। इसमें किस कॉलेज का सेंटर कहां गया है, इसका ब्योरा उपलब्ध है। इस ब्यौरे को देखकर कॉलेज प्रबंधकों के साथ ही विद्यार्थी भी चक्कर खा गए हैं। हरदोई और लखीमपुर जनपद में हालात ज्यादा खराब हैं। छात्र ही नहीं, छात्राओं को भी 50 किलोमीटर से ज्यादा दूर के सेंटर आवंटित हुए हैं। ऐसे में छात्राओं के माथे पर अभी से चिंता की लकीरें हैं। एक-दो नहीं बल्कि ज्यादातर कॉलेजों के सेंटर उनके करीब के कॉलेज को छोड़कर काफी दूर बनाए गए हैं। वहीं लविवि प्रशासन का कहना है कि आपत्तियों को समिति के सामने रखा जाएगा। आपत्ति सही मिलने पर उसका निस्तारण कर दिया जाएगा।
निस्तारण करना है तो क्यों बनाते हैं ऐसे सेंटर
काफी दूर सेंटर बनने के सवाल पर लविवि प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ प्रस्तावित सूची है। लविवि प्रशासन के अनुसार, आपत्ति आने पर उनका निस्तारण कर दिया जाएगा। वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि लविवि में हर साल इसी तरह की प्रस्तावित सूची जारी की जाती है। कॉलेज द्वारा आपत्ति के बाद उसे सही किया जाता है। अब जबकि सभी कॉलेजों की जियो टैगिंग है, तो फिर इतनी दूर परीक्षा केंद्र प्रस्तावित करने के पीछे मंशा ठीक नहीं है।
कानपुर विवि में 120 छात्राओं पर मिलता था सेंटर
नाम न छापने की शर्त पर हरदोई जनपद के एक डिग्री कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि कानपुर विवि से सहयुक्त होने के समय जहां भी 120 छात्राएं होती थीं, उनको परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाता था। गांव-देहात में अभिभावक बड़ी मुश्किल से छात्राओं को पढ़ाने पर तैयार होते हैं, इतनी दूर सेंटर होने पर वे परीक्षा दिलाने नहीं जा पाते हैं।