लखनऊ। लविवि ने आईटी पीजी कॉलेज के शिक्षाशास्त्र विभाग को आवंटित सभी 11 शोधार्थियों को वापस ले लिया है। जल्द ही इन सभी के सुपरवाइजर बदल दिए जाएंगे। आरोप है कि आईटी कॉलेज प्रशासन शोधार्थियों से फीस के नाम पर शुल्क मांग रहा है, जबकि वह पहले ही पीएचडी का शुल्क लखनऊ विवि में जमा कर चुके हैं।
लविवि के शिक्षाशास्त्र विभाग में सोमवार को हुई डीआरसी (डिपार्टमेंटल रिसर्च कमेटी) आपात बैठक में शोधार्थी वापस लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभाग के सभी 11 शोधार्थियों को अन्य गाइड आवंटित करने की सहमति दी गई। आईटी पीजी कॉलेज में शिक्षाशास्त्र विभाग को आवंटित शोधार्थी पिछले कई माह से अपना सुपरवाइजर बदलने की मांग कर रहे थे। शोधार्थियों का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन उनसे पंजीकरण के नाम पर दोगुना शुल्क वसूल रहा है। शुल्क न देने पर उनके शोध कार्य में अड़ंगा लगा रहा है। परेशान शोधार्थियों ने कुलपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में रजिस्ट्रार विनोद कुमार सिंह ने कॉलेज की प्राचार्य प्रो. विनीता प्रकाश को पत्र भेजकर शोधार्थियों से फीस वसूले जाने की शिकायत पर जवाब तलब किया है।
चार अन्य कॉलेजों के शोधार्थी भी बदले जाएंगे
डीआरसी ने खुनखुन जी गर्ल्स कॉलेज के दो, डीएवी कॉलेज दो और एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज के तीन शोधार्थियों का सुपरवाइजर बदले जाने की स्वीकृति दी है। दरअसल इन सभी शोधार्थियों के सुपरवाइजर ने निजी कारणों से छात्रों को पीएचडी कराने में असमर्थता जताई थी। साथ ही महिला कॉलेज के एक दिव्यांग शोधार्थी का सुपरवाइजर बदले जाने का निर्णय दिया गया।
जल्द आवंटित होंगे नए गाइड
आईटी कॉलेज को आवंटित शोधार्थियों की कई शिकायतें मिली थीं जिसे डीआरसी की बैठक रखा गया। समिति ने कॉलेज के सभी शोधार्थियों को वापस लिए जाने का निर्णय किया है। जल्द ही सभी को दूसरा गाइड आवंटित कर दिया जाएगा।
प्रो. दिनेश कुमार, डीन- शिक्षा संकाय लविवि