लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में अंग्रेजी एवं आधुनिक यूरोपीय भाषाएं (एमईएल) विभाग की ओर से मंगलवार को सामाजिक परिवर्तन, साहित्य और शासन विषय को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय गोष्ठी हुई। इसका शुभारंभ ओएनजीसी भवन में प्रो. मैत्रेयी प्रियदर्शिनी ने किया। कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने साहित्य-मनोविज्ञान के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि प्रो. अरविंद मोहन, वक्ता प्रो. राजेश मिश्रा और प्रो. विकास शर्मा व प्रो. आर. पी. सिंह ने साहित्य की सामाजिक भूमिका और शासन से उसके संबंधों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम में 150 से अधिक शोधार्थियों ने हिस्सा लिया।