लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों में सत्र 2024-25 से एक वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू होने की उम्मीद है। इस पाठ्यक्रम में चार वर्षीय स्नातक और परास्नातक की डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की ओर से देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों की निगरानी में एक वर्ष के बीएड का पाठ्यक्रम तैयार कराया जा रहा है। पाठ्यक्रम को बनाने के लिए जो समिति गठित की गई है, उसकी अध्यक्षता लविवि के शिक्षा संकाय विभाग की प्रो. तृप्ता त्रिवेदी कर रही हैं। जून तक पाठ्यक्रम के पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद है। वहीं फरवरी में समिति कोर्स का फाइनल ड्राफ्ट एनसीटीई को सौंप देगी।
प्रो. तृप्ता त्रिवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) में स्कूल शिक्षा के चार चरण (5+3+3+4) का प्रावधान किया गया है। इसलिए एनसीटीई इन चारों स्टेज के शिक्षक तैयार करने के लिए बीएड पाठ्यक्रम डिजाइन करवा रहा है। एक वर्ष सहित अन्य बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी चारों स्टेज का स्पेशलाइजेशन (विशेषज्ञता) का चुनाव कर सकेंगे। इससे वह एक बेहतर शिक्षक बनने के साथ ही नर्सरी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तैयार हो सकेंगे।
चार वर्षीय बीएड के लिए करेंगे आवेदन
लखनऊ विश्वविद्यालय इस वर्ष चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना भी बना रहा है। विवि जल्द ही इसकी मान्यता के लिए एनसीटीई में आवेदन भी करेगा। फिलहाल चार साल का बीएड चुनिंदा आईटीआई और विश्वविद्यालयों में चल रहा है। लविवि में वर्तमान में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम संचालित है। इसमें विद्यार्थी चार सेमेस्टरों में अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। हाल ही में इसमें दाखिला प्रक्रिया पूर्ण हुई है। इस वर्ष इसकी प्रवेश परीक्षा का आयोजन बुंदेलखंड विवि ने करवाया था।