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प्रॉपर्टी डीलर की मौत: एसीपी जांच में एसएचओ की लापरवाही आई सामने, गिरी गाज, दो पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित

Wed, 24 Jul 2024 12:47 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

property dealer death: बंथरा गांव में रविवार रात बिजलीकर्मी फॉल्ट ठीक कर रहे थे। इस दौरान ऋतिक का हिमांशु सिंह व उसके साथियों से विवाद हो गया। मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। 
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ऋतिक पांडेय मामले में दो दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बंथरा गांव में रविवार रात बिजली को लेकर हुए विवाद में 22 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर ऋतिक पांडेय की मौत के मामले में एसएचओ की लापरवाही उजागर हुई है। एसीपी की जांच में एसएचओ हेमंत राघव को दोषी पाया गया। पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई करते हुए उसे लाइन हाजिर कर दिया है। इंस्पेक्टर राम सिंह को बंथरा थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके पहले, लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। इनमें दो दरोगा और एक सिपाही है।

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बंथरा गांव में रविवार रात बिजलीकर्मी फॉल्ट ठीक कर रहे थे। इस दौरान ऋतिक का हिमांशु सिंह व उसके साथियों से विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ देर बाद ऋतिक के घर पर हिमांशु व अन्य लोगों ने धावा बोलकर पूरे परिवार को पीटा। कुछ घंटे बाद ऋतिक की मौत हो गई। पुलिस ने पांच नामजद व दस अज्ञात पर केस दर्ज किया था।

मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी। एसीपी कृष्णानगर की जांच में दरोगा सुभाष यादव, दरोगा सुशील यादव और सिपाही यतेंद्र सिंह दोषी पाए गए। डीसीपी साउथ तेज स्वरूप ने इन सभी को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। प्रकरण में बंथरा इंस्पेक्टर हेमंत राघव भी लापरवाही बरतने में दोषी पाए गए हैं।

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एसएसआई पर कार्रवाई न होने पर सवाल

दरोगा सुशील यादव और दरोगा सुभाष चंद्र यादव। - फोटो : amar ujala
पीड़ित परिजनों का कहना है कि वारदात की रात थाने के नाइट इंचार्ज एसएसआई इब्ने हसन थे। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिलने पर वह और अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे भी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिजन ने इस पर सवाल उठाते हुए एसएसआई पर भी कार्रवाई की मांग की है। डीसीपी का कहना है कि जांच जारी है। अगर दोषी पाए गए तो कार्रवाई होगी।

तीन जिलों में दबिश, पर हाथ नहीं आए आरोपी
वारदात में अवनीश सिंह, हिमांशु सिंह, प्रियांशु सिंह, शनि सिंह और दस अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस की तीन टीमें रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में दबिश दे रही हैं। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पूरा परिवार गांव से गायब है।
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