Rashtriya Lok Dal: राष्ट्रीय लोकदल के वार्षिक अधिवेशन में हिस्सा लेते हुए जयंत चौधरी
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राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भी लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में मजबूत सियासत कर रही पार्टी ने अब पूरब में भी हर बूथ तक पहुंचने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज आदि जिलों में भी जनवरी-फरवरी में पार्टी के सम्मेलन व बैठकों का आयोजन करेगी। साथ ही लोकसभा की सीटों को भी तीन श्रेणी में बांटकर तैयारी शुरू की जाएगी।
रालोद ने पिछला लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था। इस बार भी वह इंडिया (आईएनडीआईए) गठबंधन में शामिल है। पार्टी प्रदेश में पश्चिम के साथ पूरब में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए नए सिरे से तैयारी में जुटी है। शनिवार को हुई प्रदेश कार्य समिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी इसका संदेश दिया।
उन्होंने पार्टी को पूरब से पश्चिम तक हर क्षेत्र में बूथ स्तर पर ले जाने का आह्वान किया। तय हुआ है कि पार्टी सभी मंडलों में सम्मेलन करेगी व बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करेगी। पार्टी लोकसभा क्षेत्रों को ए, बी व सी में बांटकर काम करेगी। इसमें ए में 15 से 20 सीटें, जहां वह अपने को मजबूत मानती है। बी में 20 सीट जहां वह मध्यम स्थिति में है और सी में 20 वह सीटें जहां उसे काफी काम करने है, में रखा है।
प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि हम अब पश्चिमी क्षेत्र तक नहीं सिमटे हैं। लखनऊ में हुए कार्यक्रम में एकत्र लोगों से पता चलता है कि काफी लोग जयंत चौधरी में विश्वास कर हमसे जुड़ रहे हैं। जनवरी में हम गोरखपुर व बनारस में बैठक व सम्मेलन करेंगे। लोकसभा चुनाव में 15 से 20 सीटों पर हम जनवरी तक बूथ प्रभारी व सेक्टर प्रमुख तैयार कर लेंगे। इसके बाद अगली 20 सीटों तक जमीन स्तर पर संगठन को खड़ा करेंगे। प्रदेश में हर क्षेत्र में सम्मेलन व कार्यक्रम करके भी पार्टी हर व्यक्ति तक पहुंचेगी।
पार्टी के आगामी कार्यक्रम
- 23 से 31 दिसंबर तक चलो गांव की ओर, चौपाल, पदयात्रा, नुक्कड़ सभा
- सात जनवरी को मेरठ में युवा संसद का आयोजन
- 12 जनवरी विवेकानंद जयंती से 23 जनवरी नेता जी सुभाषचंद्र बोस जयंती तक युवा संकल्प यात्रा। इसमें युवा सम्मेलन, किसान सम्मेलन, लोकतंत्र संविधान बचाओ सम्मेलन का आयोजन होगा
- 12 फरवरी चौधरी अजित सिंह की जयंती से 28 फरवरी चंद्रशेखर आजाद जयंती तक मंडल सम्मेलन। इसमें भाईचारा सम्मेलन, सामाजिक न्याय सम्मेलन, महिला व मजदूर सम्मेलन होंगे