कैसरबाग के बंगाली टोला में रिटायर्ड शिक्षिका सुशीला विश्नोई त्रिपाठी (82) को उनका पालतू पिटबुल प्रजाति का कुत्ता ब्राउनी तीन बार पहले भी काट चुका था। इस पर पड़ोसियों ने उनके बेटे अमित से कुत्ते को हटाने के लिए कहा था, लेकिन उसने जिद में ऐसा नहीं किया। वहीं, मंगलवार सुबह उसी कुत्ते ने सुशीला को नोचकर मार डाला। बुधवार को अमित ने उनकी अस्थियां प्रयागराज में विसर्जित कीं। इस दौरान घर पर मौजूद कुछ महिलाएं कुछ पूछने पर अमित के आने की ही बात कह रही थी। वहीं, मालकिन की जान लेने वाला ब्राउनी और लैब्राडोर प्रजाति का दूसरा कुत्ता छत पर बंधा दिखा।
पूरे इलाके में दहशत
पिटबुल के मालकिन को मार डालने की घटना का खौफ पूरे मोहल्ले में दिखा। अमित के घर के सामने रहने वाले युवक ने बताया कि जिस वक्त ब्राउनी ने सुशीला पर हमला किया, वह अपने घर पर ही था। कुत्ता महिला को बुरी तरह नोच रहा था, ऐसे में वह चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। बताया कि वह मंजर इतना भयानक था कि पूरी रात सो नहीं पाए। वहीं, घटना के दूसरे दिन मोहल्ले में ज्यादातर लोगों ने दरवाजे बंद ही रखे। पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया कि सुशीला उनकी दुकान से सामान लेकर जाती थी। खासकर कुत्ते के लिए बिस्कुट व ब्रेड लेती थीं। ब्राउनी ने उन्हें इससे पहले तीन बार काटा भी था। इस पर पड़ोसी ने अमित से उसे घर से हटाने के लिए कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। अमित की दहशत से किसी ने पुलिस व नगर निगम को भी सूचना नहीं दी।
अमित को गोद लिया था
पड़ोसियों ने बताया कि सुशीला नारी शिक्षा निकेतन में शिक्षिका थीं। वहीं, पर आरएन त्रिपाठी भी थे, जिनसे सुशीला ने शादी कर ली। कोई संतान न होने पर दोनों ने एक रिश्तेदार के बेटे अमित को गोद ले लिया। पड़ोसियों के मुताबिक अलीगंज के एक जिम में ट्रेनर अमित से मिलने अक्सर बाउंसर व दबंग किस्म के लोग आते थे। ऐसे में मोहल्ले के ज्यादा लोग उससे बात नहीं करते थे। पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता ने कहा कि अगर अमित ब्राउनी को हटा देता तो शायद यह हादसा नहीं होता।