बीरबल साहनी मार्ग पर कैलाशपुरी घाट मंदिर के पास गौशाला परिसर में 45 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद महंत ने गौशाला परिसर में ही कब्र खोदकर शव दफना दिया और ऊपर से नमक डाल दिया। पुलिस को इसकी सूचना मिली तो महिला के परिवारीजन को जानकारी दी गई। सोमवार दोपहर जब महिला के परिजन पहुंचे तब पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। महंत को हिरासत में ले लिया गया है।
मूल रूप से प्रयागराज के कृष्णानगर निवासी मूर्छना पाठक उर्फ सपना पाठक 16 मई को आश्रम आई थीं। उनके परिजन को इसकी जानकारी थी। रविवार रात एक शख्स ने पुलिस को सूचना दी कि आश्रम से संबंधित गौशाला में किसी को दफनाया गया है। पुलिस ने महंत राम सुमन चतुर्वेदी से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि 19 मई को सपना की मौत हो गई थी। उनकी इच्छा थी कि न उन्हें जलाया जाए और न ही नदी में प्रवाहित किया जाए। गौशाला में ही दफनाया दिया जाए।
पुलिस ने तत्काल इसकी सूचना सपना के परिवारीजन को दी। फिर उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह ने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम से मौत की वजह स्पष्ट होगी। फिर उसी आधार पर कार्रवाई होगी। तब तक महंत से पूछताछ की जा रही है। परिसर में ही महंत के दामाद, बहन व अन्य परिवारवाले भी रहते हैं।
बुखार हुआ, फिर उखड़ गईं सांसें
महंत ने पुलिस को बताया कि सपना गौशाला परिसर में ही सोती थीं। तीन दिन पहले सुबह सोकर उठे तो देखा कि सपना को तेज बुखार है। वह कराह रही हैं। सही से बोल तक नहीं पा रही थीं और उठने में भी असमर्थ थीं। महंत ने उन्हें जड़ी-बूटी दी, पर हालत में सुधार नहीं हुआ। कुछ देर बाद सपना की सांसें थम गईं। करीब चार घंटे में कब्र खोदकर शव दफना दिया गया।
महंत बोले..हम गौ सेवा करते हैं
महंत ने पुलिस को बताया कि उनकी उम्र करीब 100 वर्ष है। वह 90 वर्षों से यहीं पर रहकर गौ सेवा कर रहे हैं। अभी छह गायों की देखरेख करते हैं। सपना का आश्रम से लगाव था। वह अकसर यहां आती थीं। महंत ने दावा किया कि सपना की मौत स्वाभाविक है। हालांकि, गुपचुप तरीके से शव को दफना देना और मोबाइल बंद करके रख देना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
15 साल से परिवार से दूर थीं सपना
पुलिस के मुताबिक, वाराणसी की रहने वाली सपना की वर्ष 2000 में प्रयागराज के सरकारी अध्यापक राजीव दुबे से शादी हुई थी। उनकी दो बेटियां वर्षा व श्रुति हैं। सपना ने कुछ समय तक मुंबई के अखबार में नौकरी भी की। पुलिस ने बताया कि छानबीन में सामने आया कि 15 वर्षों से सपना परिवार से दूर रह रही थीं। उनकी एक बेटी ननिहाल व दूसरी रिश्तेदार के घर पर रहती है। धर्म की प्रति बढ़ी आस्था की वजह से वह आश्रम आती जाती थीं।