मेला क्षेत्र में पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, सड़कों व चौराहों से अतिक्रमण हटाने व इनके चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद नगर विकास विभाग का अमला प्रयागराज में 2025 में लगने वाले महाकुंभ से जुड़ी 2 हजार करोड़ की परियोजनाओं को पूरा कराने में जुट गया है। मेला क्षेत्र में पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, सड़कों व चौराहों से अतिक्रमण हटाने व इनके चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बता दें कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार ने 3738 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार कराया है। विभिन्न विभागों द्वारा अब तक 260 परियोजनाओं को स्वीकृति दे गई है, जिसकी बिन्दुवार समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। इसमें से सड़क, पुल, बिजली, मेला क्षेत्र के विस्तारीकरण और व्यवस्थापन से जुड़े 2 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है।
इसी कड़ी में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को महाकुंभ के लिए स्वीकृत परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं को समय से गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक संगम तट पर आयोजित होने वाले महाकुंभ में 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। 40 लाख श्रद्धालु शाही स्नान में और 40 लाख कल्पवासी हो सकते हैं। इसलिए उनकी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं पर खास फोकस करने के भी निर्देश दिए हैं।
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नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों को महाकुम्भ मेले में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वच्छाग्रहियों की उपलब्धता रखने, डिजिटल म्यूजियम बनाने, आई ट्रिपल सी, आईटी और ड्रोन से मेला क्षेत्र की निगरानी करने की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने मेला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।