ट्रक चालक हरपिंदर सिंह (60) हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बुधवार को उसके दो परिचितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उसके ट्रक के खलासी थे। जांच में सामने आया कि वारदात की रात चालक ने एक खलासी से कुकर्म की कोशिश की थी। विरोध किया और फिर दोनों ने मिलकर पाना से उसके सिर पर वार कर कत्ल कर दिया था। इसके बाद वेयरहाउस से ट्रक ले जाकर अमोल गांव के पास खड़ा कर फरार हो गए थे।
पंजाब के फरीदकोट निवासी हरपिंदर सिंह 15 मार्च को माल लेकर बिजनौर स्थित कंपनी के वेयरहाउस पहुंचे थे। सोमवार सुबह पीजीआई इलाकेे के अमोल गांव के पास ये ट्रक खड़ा मिला था। इसमें हरपिंदर की खून से सनी लाश पड़ी थी। पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले में सीतापुर निवासी रोहित कुमार व कमल को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रविवार की रात दोनों ने हरपिंदर के साथ शराब पी थी। रात को हरपिंदर ने कुकर्म करने की कोशिश की थी। दोनों ने विरोध किया। जब हरपिंदर नहीं माना तो पाना से सिर पर कई वार किर दिए थे। उसका मोबाइल व ट्रक की चाबी लेकर दोनों भाग निकले थे।
होश आया तो दोबारा किए वार, नहर में फेंका मोबाइल
एडीसीपी ने बताया कि जब आरोपी ट्रक लेकर वेयरहाउस से अमोल गांव की तरफ जा रहे थे तब एक बार हरपिंदर को होश आया था। आरोपियों के मुताबिक, तब वे डर गए थे। लगा कि हरपिंदर बच जाएगा तो दोनों फंस जाएंगे। दोबारा उसके सिर पर कई वार कर दिए थे। आरोपियाें ने बताया कि हरपिंदर का मोबाइल एक नहर में फेंक दिया था।
इस तरह आए गिरफ्त में
पुलिस ने हरपिंदर के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) निकाली। इसमें आरोपियों के नंबर मिले। लोकेशन चेक की तो पता चला कि हरपिंदर व दोनों एक साथ मूवमेंट कर रहे हैं। वारदात की रात हरपिंदर के साथ ही थे। दोनों के मोबाइल ऑन थे। लिहाजा आसानी से पुलिस दिल्ली तक पहुंच गई और गिरफ्तारी कर लिया।