प्रदेश में मैनपुरी और रामपुर उप चुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधा जमीनी संघर्ष छिड़ा हुआ है। वहीं राजधानी में दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही जंग में जमकर अमर्यादित भाषा का उपयोग हो रहा है। बृहस्पतिवार को सपा के अधिकृत ट्विटर हैंडल से भाजपा के प्रवक्ताओं के साथ आरएसएस, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और सरकार पर अमर्यादित भाषा में आरोप लगाए गए।
सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से सपा और भाजपा के बीच सोशल मीडिया पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ताओं की ओर से सपा के नेताओं पर खनन घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की दलाली के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं सपा के मीडिया सेल की ओर से प्रवक्ताओं पर पूर्व एवं वर्तमान मंत्रियों की दलाली के आरोप लगाए जा रहे है। साथ ही भाजपा प्रवक्ताओं के परिवार तक पर टिप्पणी की गई।
सपा के अधिकृत ट्विटर हैंडल से इस तरह की निंदनीय भाषा का उपयोग उनकी मानसिकता को प्रकट करता है। सपा को अहसास हो गया है कि वह उप चुनाव में हार रही है इसलिए हार की हताशा में भाषा और संस्कृति की मर्यादा को भूलकर टिप्पणी कर रहे हैं।
- भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा
राजनीति में ऐसी भाषा को तवज्जो नहीं दिया जाना चाहिए। इतना जरूर है कि सत्ता पक्ष अहंकार में चूर है इस वजह से इस तरह की भाषा का निरंतर प्रयोग कर रहा है। सपा ने सिर्फ जवाब दिया है।
- डॉ. आशुतोष वर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता सपा