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लखनऊ में युवती की नृशंस हत्या : बर्बरता की हदें पार, शव देख कांप गई रूह, चीखें दबाने को मुंह में ठूंसा कपड़ा

Tue, 11 Jul 2023 12:43 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मोनी कश्यप पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। चीखें दबाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया। मुंह पर वार कर उसके दांत तोड़े गए। बाएं गाल को काटा गया। आखिर में सिर पर वार व गला रेत दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लखनऊ में बंथरा के अमावा जंगल में सोमवार को दिनदहाड़े एक युवती की नृशंस हत्या कर दी गई। युवती की चीखें सुनकर ग्रामीण दौड़े और एक आरोपी को दबोच लिया। डीसीपी साउथ समेत कई पुलिस अधिकारी देर रात आरोपी से पूछताछ करते रहे। वह लगातार गुमराह करता रहा। मृतका के भाई की तहरीर पर चार आरोपियों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। वारदात को अंजाम देने की वजह और किसी तरह से पूरी घटना कारित की, इस बारे में पुलिस आरोपी से जानकारी जुटा रही है। मंगलवार को पुलिस घटना का खुलासा कर सकती है।

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सरोजनीनगर के गहरू निवासी रवि के मुताबिक उसकी बहन मोनी कश्यप (24) सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर से नादरगंज जाने के लिए निकली थी। दो फैक्टरियों में उसका इंटरव्यू होना था। इस बीच दोपहर करीब ढाई बजे अमावा के जंगल में युवती की चीखें सुनाई देने लगीं। वहां मौजूद ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक शख्स ई-रिक्शा लेकर भाग रहा। जिसको उन्होंने दबोचा लिया। पुलिस को सूचना देकर उनके सुपुर्द कर दिया। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल, एडीसीपी और एसीपी ने युवक से पूछताछ शुरू की। पकड़ा गया युवक बंथरा के रामदासपुर गांव निवासी रूप प्रकाश यादव उर्फ छोटू है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, तब हत्या की वजह स्पष्ट होगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि अब तक दुष्कर्म के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अगर सुबूत पाए जाते हैं तो उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

अकेले मारा या तीन और साथी थे, इस पर संशय

मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने रूप प्रकाश पर नामजद व तीन अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ में आरोपी कई अलग-अलग बातें बताकर गुमराह करने का प्रयास करता रहा है। ग्रामीणों ने उसको अकेले ही देखा है। जबकि उसका कहना है कि वह बंथरा के मवई इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान युवती ने रुकने का इशारा किया। उसने कहा कि अमावा तक छोड़ दो। यहां पर उसको छोड़ दिया। कोई और तीन लोग थे जो मारकर चले गए। जिन दो लोगों का नाम उसने बताया जब पुलिस ने तस्दीक की और आमना सामना कराया तो उनको पहचानने से इनकार कर दिया। ये भी पता चला कि वो दो लोग दिनभर कचहरी में थे। इसलिए उसकी बात पर संशय है।

परिजनों ने ये आशंका जताई
पुलिस ने मोनी के परिजनों से भी बातचीत कर जानकारी ली। उनका कहना था कि उनको पता चला है कि मोनी जा रही थी। आरोपी अपने तीन साथियों संग आया। मोनी को जबरन बैठा ले गया। उसके बाद जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस अफसरों का कहना है कि घटना से संबंधित सुबूत जुटाए जा रहे हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है। मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।

हत्या और कुकर्म में जा चुका है जेल, हत्या की वजह ये तो नहीं

पुलिस की जांच में सामने 2017 में आरोपी रूप प्रकाश 9 साल के बच्चे के साथ कुकर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। तब नाबालिग था। साढ़े तीन साल बाद वह छूटा था। वर्तमान में वह जमानत पर बाहर है। एक आशंका ये भी है कि आरोपी गलत काम करने की नियत से युवती को लेकर जंगल पहुंचा था। विरोध पर उसने उसको मार दिया। इसमें उसके साथी शामिल थे या नहीं। इन बिंदुओं पर तफ्तीश जारी है। क्योंकि हत्या करने की और क्या वजह हो सकती है। अब तक सामने नहीं आ सकी है। उधर आरोपी की जब कुंडली खंगाली तो पता चला कि रूप प्रकाश इतना शातिर है कि जब वह कुकर्म हत्या में जेल गया था तब उसने पूछताछ में अपने ही पिता का नाम ले लिया था।

तहरीर के आधार पर हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। सुबतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के बयानों की तस्दीक की जा रही है। - विनीत जायसवाल, डीसीपी साउथ

सिर पर वार किए, गला भी रेता, तोड़े दांत, गाल काटा

मोनी कश्यप पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। चीखें दबाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया। मुंह पर वार कर उसके दांत तोड़े गए। बाएं गाल को काटा गया। आखिर में सिर पर वार व गला रेत दिया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बर्बरता के पीछे की वजह क्या है? ये जांच के बाद ही सामने आएगा।

चीखें सुनकर जब ग्रामीण पहुंचे तो देखा एक शख्स ई-रिक्शा लेकर भाग रहा है। इस बीच उसका ई-रिक्शा फंस गया। इसलिए वह पकड़ में आ गया। जब ग्रामीण शव के पास पहुंचे तो देखा कि कुछ दूरी पर मोनी की चप्पल और दस्तावेज पड़े हैं। चेहरा खून से सना था। जब पुलिस व फोरेंसिक टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो पता चला कि सिर पर गहरे जख्म हैं। गला भी कटा है। इससे आशंका है कि हत्यारों ने आखिरी सांस तक मोनी पर वार किए। किस हथियार से मारा ये भी पता नहीं चल सका है। पुलिस हथियार रिकवर करने के प्रयास में जुटी है। जिस तरह के जख्म मिले हैं, उससे यही आशंका है कि हत्यारों का मकसद उसको मारना था। या फिर वह गलत काम करने की नाकामी पर खुन्नस में उस पर बर्बरता की।
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जान बचाने को खूब किया संघर्ष

जमीन पर रगड़ने के निशान थे। शरीर पर भी खरोंच आदि के निशान मिले हैं। इससे आशंका है कि जब हत्यारों ने उसको मारना शुरू किया तब वह बचने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन वह नाकाम रही। चंद मिनट में हत्यारों ने उसको मौत की नींद सुला दी।

जान कैसे निकली, पीएम रिपोर्ट से पता चलेगा
मोनी की मौत सिर पर वार करने से हुई या गला रेतने से या फिर दम घुटने से। ये मंगलवार को पता चल सकेगा, जब पोस्टमार्टम होगा। क्योंकि सिर व गर्दन पर जख्म है। मुंह में कपड़ा ठूंसा है। इसलिए ये कहना मुश्किल है कि मौत की वजह क्या रही।

खुशी-खुशी निकली थी..फिर आई मौत की खबर
बचपन में ही मोनी के सिर से पिता का साया उठ गया था। घर पर उसकी मां व भाई रवि रहते हैं। रवि प्राइवेट नौकरी करता है। परिवार के खर्च में हाथ बंटाने के लिए मोनी ने स्नातक तक पढ़ाई की थी। उसके बाद सहयोग परिवार से कंप्यूटर व कौशल विकास केंद्र से नर्स सहायिका का प्रशिक्षण लिया। तब से वह नौकरी की तलाश में थी। वह नौकरी की उम्मीद में सोमवार को घर से निकली थी। सभी खुश थे। भरोसा था कि उसको नौकरी मिल जाएगी, लेकिन कुछ ही घंटे बाद उसकी हत्या की खबर आई। ये सुनकर मां और भाई पूरी तरह से टूट गए।
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