सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। हकीकत में भाजपा और कांग्रेस एक ही हैं। इनके चेहरे कभी-कभी अलग हो जाते है। कांग्रेस और भाजपा की नीतियों और कार्यक्रमों में रत्ती भर भी फर्क नहीं है।
अखिलेश यादव तीन दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे के दूसरे दिन दमोह और कटनी में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट की है। पिछड़े, दलितों, आदिवासियों को धोखा दिया है। मध्य प्रदेश में पिछड़ों का 27 फीसदी आरक्षण लागू नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और परिवर्तन की लड़ाई सपा लड़ रही है। भाजपा और कांग्रेस पिछड़े, दलितों और आदिवासियों को झूठे सपने दिखाती है। नौजवानों के भविष्य को अंधकार में डाला है। भाजपा और कांग्रेस को सबक सिखाना है।समाजवादी लोग जब सरकार में आएंगे तो जातीय जनगणना कराकर सभी जातियों को आबादी के अनुपात में हक और सम्मान दिलाएंगे।
छुट्टा पशुओं की मौत के लिए भाजपा जिम्मेदार : अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में छुट्टा पशुओं की मौत के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छुट्टा पशुओं के नाम पर बजट की लूट कर रही है। इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। इसकी वजह से एक तरफ किसानों की फसल बर्बाद हो रही है तो दूसरी तरफ लोगों की जान जा रही है।
उन्होंने कहा कि सात साल से प्रदेश में छुट्टा पशुओं के कारण हर दिन लोगों की जान जा रही है। भाजपा सरकार किसानों और आम जनता से लगातार झूठ बोल रही है लेकिन इस समस्या का कोई अस्थाई हल नहीं निकल पा रही है। चुनाव के समय भाजपा नेता छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान का झूठा वादा करते हैं, उसके बाद भूल जाते हैं। इसके कारण किसान दलहनी और सब्जी की फसलों को नहीं उगा पा रहे हैं। किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
सरकार बताए कि प्रदेश में अब तक कितने लोग छुट्टा पशुओं की वजह से मारे गए या घायल हुए। जिनकी मौत हुई, उनमें से कितनों को कितना मुआवज़ा दिया गया। जो गौशालाएं खोली गयीं, उनमें कुल कितने छुट्टा पशु हैं? उन्होंने कहा कि गौशालाओं के काम का आंकलन कब किया गया और उसके क्या परिणाम आए। भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी? जो आईएएस व अन्य अधिकारी इस समस्या से निपटने के लिए नियुक्त किये गये थे, उन्होंने क्या किया? प्रधानमंत्री ने चुनाव के समय मंच से इस समस्या का पंद्रह दिन में समाधान निकालने की जो बात की गयी थी, क्या वह भी जुमला था?