उप्र. फार्मेसी काउंसिल ने गाजीपुर थाने में 50 आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि इन सभी ने फर्जी डिग्री-डिप्लोमा के जरिये काउंसिल में आवेदन कर पंजीकरण कराने की कोशिश की। पुलिस अब आरोपों की जांच कर रही है। एफआईआर काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. भानू प्रताप सिंह ने दर्ज कराई है।
डॉ. भानू ने बताया कि डिग्री और डिप्लोमा धारकों का काउंसिल में पंजीकरण होता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद पंजीकरण होता है। जांच में पता चला कि 50 आवेदन फर्जी दस्तावेज के सहारे किए गए हैं। रजिस्ट्रार ने बताया कि काउंसिल ने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जब संस्थानों से संपर्क किया तो पता चला कि इन लोगों ने वहां से पढ़ाई ही नहीं की। गाजीपुर इंस्पेक्टर विकास राय ने बताया कि मामले में धोखधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व साजिश रचने की धारा में केस दर्ज किया गया है। काउंसिल की तरफ से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज के सत्यापन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इन पर दर्ज हुआ केस
बलरामपुर के बृजमोहन यादव, गोरखपुर के सुधीर कुमार, सलमान मंजर व अनिल कुमार गुप्ता। बुलंदशहर के पुष्पेंद्र शर्मा व सरफराज। गाजियाबाद के आदित्य सिंह, बागपत के शुभम पवार, गौतमबुद्धनगर के योगेश सिंह, खुर्जा के मोहित सोलंकी, बिजनौर के अजय कुमार। कानपुर के देवेंद्र सिंह, शिवानी सचान, हिबा फुरकान, राजेश साहू, शैलेंद्र सिंह व अखिलेश शर्मा। हमीरपुर के शुभ ओमर, बांदा के सुमित गुप्ता व आलोक। सिद्धार्थनगर के रवि शर्मा व अखिलेश्वर लाल प्रसाद, संतकबीरनगर के महेंद्र, बलिया के अभिनय, उन्नाव के महेश कुमार। सुल्तानपुर के विनय कुमार, शाहजहांपुर के हर्ष गुप्ता, पीलीभीत के दीपक कुमार गुप्ता, बदायूं का मुनेंद्र, रायबरेली के दिलीप कुमार, प्रतापगढ़ के गनानंद निर्मल व साधना वर्मा। कौशांबी का शिव चंदन कुमार, अमेठी के मो. अली, बरेली के यशपाल सैनी, पृथ्वीराज कश्यप व सद्दाम हुसैन, सहारनपुर के दीपक रोहेला। लखनऊ के ओमकार मौर्या, महाराजगंज के मुकेश शर्मा, बहराइच मो. जुनैद किदवई व आनंद कुमार यादव, श्रावस्ती के नंद किशोर वर्मा, प्रवेश कुमार वर्मा, पवन कुमार, साहबदीन, मनीष कुमार व निरंकार वर्मा, कुशीनगर के सीताराम कुशवाहा व अर्तुनिशा।