प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्री पर शत-प्रतिशत छूट संबंधी अधिसूचना परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव वेंकटेश्वर लू ने जारी की दी है। इसके मुताबिक उप्र में रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्री में शत प्रतिशत छूट दी जाएगी। 14 अक्तूबर 2022 से शुरू होकर 13 अक्तूबर 2025 तक यह छूट लागू रहेगी। इसका मतलब यह है कि 14 अक्तूबर 2022 से अब तक जिन लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं उनको भी इस छूट का लाभ मिलेगा।
दरअसल, 14 अक्तूबर 2022 में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई थी, लेकिन तब इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस पॉलिसी के तहत जिन लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है, उन्हें उसमें रोड टैक्स, पंजीकरण में छूट का लाभ दिया जाएगा। पात्र ईवी खरीदारों को इसके लिए कहीं आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि पंजीकरण के आधार पर रोड टैक्स व सब्सिडी उनके बैंक अकाउंट में स्वत: रिफंड हो जाएगी।
पहले ईवी पर 75 प्रतिशत छूट दी जा रही थी, लेकिन पॉलिसी में संशोधन कर सरकार ने 100 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। प्रमुख सचिव के मुताबिक यदि ई-व्हीकल यूपी में बनी है कि तो उसे पांच साल तक पूरा लाभ मिलेगा।
वाहनों के फैक्ट्री मूल्य पर दी जानी है छूट
पॉलिसी के तहत प्रदेश में खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों के फैक्ट्री मूल्य पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी। इसमें पहले दो लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 5000 रुपये प्रति वाहन, पहले 50,000 इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों पर अधिकतम 12,000 रुपये और पहले 25,000 इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए प्रति वाहन पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
प्रदेश में खरीदी गई पहली 400 बसों पर प्रति ई-बस 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही अधिकतम 1000 ई-गुड्स कैरियर्स को प्रति वाहन 1,00,000 तक ई-गुड्स कैरियर्स की खरीद के लिए फैक्ट्री मूल्य पर 10 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए राज्य सरकार कर्मचारियों को एडवांस लेने की भी अनुमति देगी।