अग्निवीर भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर युवाओं को ठग रहे सेना के नायब सूबेदार को एसटीएफ ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 10 अभ्यर्थियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। जब से अग्निवीर भर्ती परीक्षाएं शुरू हुई हैं, तब से वह अलग-अलग जिलोें में जाकर युवाओं को जाल में फंसाकर उनसे ठगी कर रहा था। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसटीएफ अब पता कर रही है कि सूबेदार के साथ गिरोह में कोई और शामिल है या नहीं।
एसटीएफ के एएसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि इनपुट मिला था कि खुद को सेना में बताकर एक शख्स अग्निवीर भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं से ठगी करता है। जानकारी जुटाकर सोमवार रात पवनपुरी, आशियाना निवासी योगेंद्र सिंह को पकड़ा गया। जांच में पता चला कि योगेंद्र 15 जाट बटालियन में नायब सूबेदार है और लद्दाख में उसकी तैनाती है। इस समय छुट्टी पर घर आया था। वह मूलरूप से बलिया के खेजुरी थानाक्षेत्र के करम्बर गांव का रहने वाला है।
ऐसे देता था ठगी को अंजाम
एसटीएफ के मुताबिक योगेंद्र अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाता था। जो अभ्यर्थी फिजिकल पास कर लेते थे, उनसे संपर्क करता था। दावा करता था कि वह उनको लिखित व मेडिकल में पास करवा देगा। दो से तीन लाख रुपये में डील करता था। उसके बाद जो अभ्यर्थी परीक्षा पास करते थे, उनसे वह कहता था कि उसी ने परीक्षा पास कराई है। जो डील होती थी वह रकम ले लेता था। एसटीएफ की जांच में अब तक करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों से ठगी की जानकारी हुई है। तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
मास्क व टोपी लगाकर मिलता था
योगेंद्र ने एसटीएफ को बताया कि वह जब अभ्यर्थियों से मास्क व टोपी लगाकर मिलता था। उनको ये बताता था कि वह आर्मी में है, लेकिन नाम आदि फर्जी बताता था, ताकि वह पकड़ा न जा सके।