नए साल में 70 से अधिक आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा मिलेगा। इसमें एसपी से लेकर एडीजी रैंक के अफसर शामिल होंगे। हालांकि एडीजी और डीजी रैंक में वैकेंसी न होने से आईजी व एडीजी रैंक को तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।
जिन अधिकारियों का प्रमोशन होगा उनमें 2019 बैच के 9 आईपीएस अधिकारी एएसपी से एसपी बनेंगे। 2010 बैच के 36 अधिकारियों को सेलेक्शन ग्रेड देने के लिए दिसंबर के अंत में डीपीसी होगी। एसएसपी से डीआईजी के लिए 2009 बैच के 11 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। सबसे कम आईजी रैंक में इस बार प्रमोशन होगा। इसमें बहराइच के पुलिस कप्तान केके चौधरी, जौनपुर के एसपी अजय कुमार साहनी, बरेली के एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया, पीलीभीत के एसपी दिनेश पी, गाजियाबाद के एसएसपी मुनिराज जी और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी पश्चिमी शिवा सिम्मी चनप्पा शामिल हैं। इस बैच के दो अफसर नेहा पांडेय व राहुल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए इन्हें तत्काल प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा।
इस बार सिर्फ 6 अधिकारी ही डीआईजी से आईजी बन सकेंगे। यह सभी 2005 बैच के हैं। इनमें अलीगढ़ रेंज के डीआईजी दीपक कुमार, गोरखपुर रेंज के डीआईजी जे. रविंदर गौड़, बस्ती रेंज के डीआईजी आरके भारद्वाज, देवीपाटन के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और आजमगढ़ के डीआईजी अखिलेश कुमार शामिल हैं। इस बैच के एक अन्य अधिकारी सुभाष चंद्र दुबे भी डीआईजी से आईजी बनेंगे। इस बैच के अंकज शर्मा, मंजिल सैनी और प्रेम कुमार गौतम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
आईजी से एडीजी और एडीजी से डीजी के लिए फिलहाल वैकेंसी नहीं
प्रदेश में एडीजी और डीजी रैंक में फिलहाल वैकेंसी नहीं है। एडीजी रैंक में अधिकारियों की संख्या पहले से अधिक है। इस बार 1998 बैच के 7 आईपीएस एडीजी बनने के लिए अर्ह हो जाएंगे। 1998 बैच के अफसरों में आईजी इंटेलीजेंस भगवान स्वरूप, आईजी पीएस वेस्ट जोन अमित चंद्रा, लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया, आईजी बजट एसके भगत, सचिव गृह बीडी पाल्सन, आईजी वाराणसी रेंज के सत्यनारायण और आईजी भर्ती बोर्ड पद्मजा चौहान शामिल हैं।
2023 में पांच डीजी होंगे रिटायर
2023 में पांच डीजी रिटायर होंगे। इसमें जीएल मीणा, आरपी सिंह, डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा और चंद्र प्रकाश का नाम शामिल है। इसमें से अगर कोई पूर्ण कालिक डीजीपी बनाया जाएगा तो उसका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। वहीं डीजी रैंक के आशीष गुप्ता दो माह की छुट्टी के बाद सेवाएं देने के लिए उपलब्ध होंगे। ऐसे में तीन से चार एडीजी को ही अगले वर्ष डीजी बनने का मौका मिलेगा। 1990 बैच के आईपीएस एमके बशाल, तनुजा श्रीवास्तव और सतीश माथुर का अगले साल डीजी बनना तय है। अगर 2023 में वैकेंसी तीन ही बनती है तो एडीजी पीटीएस मेरठ अंजू गुप्ता बिना डीजी रैंक में शामिल हुए रिटायर हो जाएंगी।